कानपुर तिहरे हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा तो कर दिया, लेकिन लूट का माल बरामद करने में अब भी नाकाम है। हत्यारोपी दो दिन से रिमांड पर हैं, लेकिन पुलिस लूट गए जेवरात के बारे में कुछ नहीं उगलवा सकी। आरोपी जेवरात लूटने की बात नकार रहे हैं।
इससे पुलिस भी संतुष्ट नजर आ रही है।फजलगंज उचवां बस्ती में एक अक्तूबर की रात परचून दुकानदार प्रेम किशोर, उनकी पत्नी ललिता और बेटे नैतिक की बदमाशों ने हत्या कर लूट की थी। पुलिस ने वारदात का खुलासा कर इटावा निवासी गौरव शुक्ला और हिमांशु चौहान को जेल भेजा था।
पुलिस का दावा था कि आरोपियों ने पांच हजार रुपये लूटे थे, जो बरामद हो गए हैं। वहीं प्रेम किशोर के बड़े भाई राजकिशोर व प्रेम के बेटे ने कहा था कि घर पर करीब 15 लाख के जेवरात थे, जो गायब हैं। प्रेम की पहली पत्नी के भी जेवरात वहीं रखे थे। आरोप था कि बदमाश ही जेवरात लूटकर ले गए हैं।
मकान में मिले खून के धब्बे
आरोपियों ने मंधना में एक महीने पहले किराये पर मकान लिया था। वारदात को अंजाम देने के बाद पूरा सामान लेकर दोनों वहां से चले गए थे। पुलिस रविवार शाम को दोनों आरोपियों को लेकर मंधना पहुंची। मकान मालिक से पूछताछ की, जिस कमरे में रहते थे, वहां पर किचन व बाथरूम में फोरेंसिक टीम ने बेंजाडीन टेस्ट किया। वहां खून के धब्बे मिले।
साफ हो गया कि आरोपियों ने यहां आकर अपने कपड़े धुले थे। कमरे से मृतक का पहचान पत्र, बैंक के दस्तावेज समेत अन्य कागजात बरामद हुए। आरोपियों ने भी बताया कि घटना को अंजाम देकर वे मंधना पहुंचे थे। यहां से इटावा गए थे। गौरव ने झींझक में जाकर आलाकत्ल छिपाया और हिमांशु दिल्ली चला गया था। अन्य कोई जानकारी पुलिस को नहीं दी। सोमवार को रिमांड का आखिरी दिन है।