पुलिस गिरफ्त में तिहरे हत्याकांड के आरोपी
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हरदोई जिले में टडियावां थाना क्षेत्र के ग्राम कुमामों स्थित आश्रम में सोमवार रात बाबा हीरादास (70), उनके पुत्र नेतराम (40) और कथित शिक्षा मीरादास (65) की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि बाबा, उसके पुत्र और शिष्या की हत्या एक अन्य शिष्या हिस्ट्रीशीटर रक्षपाल पुत्र सुरेंद्र निवासी रौतापुर थाना मझिला ने अपने साले संजय पुत्र राम आसरे निवासी ग्राम नीर कोतवाली देहात और जेल में दोस्त बने राजीव पुत्र चंद्र किशन निवासी बंदरहा कोतवाली पिहानी के साथ मिलकर की थी।
एक अन्य शातिर की तलाश की जा रही है। रक्षपाल पिछले लगभग 11 माह से बाबा हीरा दास के साथ रह रहा था। रक्षपाल ही पिछले कुछ समय से बाबा की 48 बीघा भूमि की देखभाल कर रहा था। पुलिस का दावा है कि हीरा दास को जब रक्षपाल के अपराधिक इतिहास के बारे में पता चला तो वह उसे अपने यहां से हटाना चाहता था, जबकि रक्षपाल बाबा की 48 बीघा भूमि पर निगाह लगाए हुए था। इसी भूमि के लालच में रक्षपाल ने अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर तीनों की हत्या कर दी।
फर्जी वसीयत भी कराई थी तैयार
एसपी अमित कुमार ने बताया कि रक्षपाल ने बाबा हीरा दास की भूमि हड़पने के लिए एक वसीयतनामा भी तैयार कराया था ।इस वसीयतनामा को रजिस्टर्ड कराना बाकी था । 17 अगस्त 2020 को उसे स्टांपपेपर पर बनवाया गया था।
दुर्घटना में मारने की भी रची थी साजिश
रक्षपाल ने बाबा हीरादास उसके पुत्र नेतराम और शिष्या मीरादास की हत्या इस तरह करना नहीं चाहता था ।वह तीनों को अलग-अलग दुर्घटनाओं में मारना चाहता था, ताकि किसी को शक न हो। इसके लिए उसने मझिला थाना क्षेत्र निवासी एक शातिर से बातचीत भी की थी। शातिर ने दुर्घटना में तीन लोगों मारने के लिए एडवांस में एक लाख रुपए मांगे थे। इसके कारण बात कई बार आगे बढ़ी इसके बाद 31 अगस्त की रात 9:00 से 11:00 के बीच तीनों की हत्या कर दी गई