सिग्नेचर ग्रीन्स सिटी बस अड्डे का उद्घाटन
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प्रदेश के हर गांव तक रोडवेज और ई-बसें चलेंगी। इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। करीब 1600 रूट चिह्नित कर लिए गए हैं। यह बात परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कही। वह गुरुवार को सिग्नेचर ग्रीन्स सिटी बस अड्डे का बतौर मुख्य अतिथि उद्घाटन कर बोल रहें थे। मंत्री ने सबसे पहले अयोध्या धाम जाने वाली रोडवेज बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पांच हजार ई-बसें आएंगी। इन्हें वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, कानपुर आदि शहरों में चलाया जाएगा। इनके चार्जिंग प्वाइंट और डिपो की तलाश की जा रही है। मृतक आश्रितों को जल्द नौकरी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि रोडवेज की सभी बसों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है। इसके लिए बस अड्डों पर बड़ी स्क्रीन लगाई जा रही है।
परिवहन मंत्री शाम करीब साढ़े सात बजे बस अड्डे पर पहुंचे। उनका प्रस्तावित कार्यक्रम सुबह 11 बजे का था, लेकिन आठ घंटे देरी से आए। उन्होंने कहा कि वह बस चालक की बेटी के विवाह में चले गए थे। कहा कि बस अड्डे से पहले चरण में 40 बसें चलाई गई हैं। ये लखनऊ, फर्रुखाबाद, बिधूना, दिल्ली, कन्नौज, रसूलाबाद, आनंद विहार, हरिद्वार, देहरादून आदि शहरों के लिए संचालित होंगी। लखनऊ और अयोध्या धाम की बसें वाया गंगा बैराज होकर चलेंगी। विधायक नीलिमा कटियार, सुरेंद्र मैथानी, आरएम अनिल कुमार, एआरएम महेश कुमार, एआरएम सुनीत अग्रवाल, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन अधिकारी डीवी सिंह आदि मौजूद रहे।
सीएम ने ढाई वर्ष पूर्व किया था उद्घाटन... तब से इंतजार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिग्नेचर ग्रीन्स सिटी बस अड्डे का करीब ढाई वर्ष पूर्व ऑनलाइन उद्घाटन किया था। बसों के संचालन से पूर्व परिवहन मंत्री के हाथों उद्घाटन करने की योजना बनाई गई, लेकिन किसी न किसी वजह से कार्यक्रम रद होता चला गया। चुनाव से पहले परिवहन विभाग की ओर से बिधूना, फर्रुखाबाद और कानपुर देहात के लिए कुछ बसों का संचालन शुरू कर दिया गया। ये बसें यहां से रवाना होने के बाद वाया रावतपुर होकर चल रहीं थी।
दूसरे राज्यों के लिए भी चलेंगी बसें
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यात्रियों की संख्या के आधार पर बसों का इजाफा किया जाएगा। यहां से कई अन्य शहरों के लिए बसें चलाने की योजना है। सिग्नेचर ग्रीन्स सिटी बस अड्डे से वाराणसी, प्रयागराज, गोंडा, गोरखपुर की बसें भी चलाई जाएंगी। दो बसें बरेली के लिए भी प्रस्तावित हैं। इसकी वजह से दूसरे राज्यों की रोडवेज बसों भी आ सकेंगी। झकरकटी बस अड्डे पर बसों का लोड कम होगा।
शौचालयों में लटकता रहा ताला
बस अड्डे को चालू तो कर दिया गया, लेकिन उसके शौचालयों का ताला शाम तक नहीं खुल सका। रोडवेज के कुछ कर्मचारियों ने इसको खुलवाने का आग्रह किया। अब बस अड्डे पर सभी बेंच भी नहीं लगी हुई हैं। इन्हें संस्थाओं की ओर से दान किया गया है। टिन शेड के नीचे केवल पांच पंखे चलते नजर आए।
दूसरे शहरों से आ रही अनफिट बसें
कानपुर। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि प्रदेश में स्लीपर और अन्य बसों की फिटनेस जांच कराई जा रही है। दूसरे शहरों से काफी अनफिट बसें आ रही हैं। उनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। अगर तीन बार चालान होता है तो उनके मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लखनऊ एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। इसमें जो भी विभागीय अफसर दोषी मिलेंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। आखिर कैसे चालान पर चालान होने के बावजूद बस संचालित की जा रही थी।