ताखा। क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समथर के परिसर में रखे ट्रांसफार्मर से कई किसान कटिया डालकर मोटर से खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। ऐसे में खुले में पड़े यह बिजली के ताल पीएचसी पर आने वाले मरीजों के लिए खतरा बने हुए हैं। इन तारों की चपेट में आकर कभी भी किसी के साथ बड़ा हादसा हो सकता है।
पीएचसी में इलाज के लिए प्रतिदिन सौ से अधिक मरीजों का आना जाना रहता है। वहीं परिसर में रखे ट्रांसफार्मर से लोग सीधी लाइन जोड़कर अस्पताल परिसर के सामने से ही जमीन पर डालते हुए ले जाते हैं। यहां आने वाले मरीज इन्हीं तारों के बीच से होकर आते जाते हैं। इस समय बारिश का मौसम होने से इन कटे फटे तारों से किसी को भी करंट लगने का खतरा बना रहता है। पीएचसी के पास ही बने एक निजी स्कूल के बच्चे भी यहां से आते जाते हैं ऐसे में उन्हें भी करंट लगने का खतरा बना रहता है।
बच्चे अकसर पीएचसी परिसर में लगे हैडपंप से पानी पीने के लिए भी आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार बच्चे तारों में उलझकर गिर भी जाते हैं ऐसे में उनके करंट की चपेट में आने की आशंका बनी रहती है। कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी न तो बिजली विभाग ने कोई कार्रवाई की है और न ही स्वास्थ्य विभाग ही इसको लेकर गंभीर हुआ है।
मामले पर पीएचसी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मचारी आयुष कुमार ने बताया कि कई बार लोगों को कटिया डालने से रोका गया लेकिन वह दबंगई दिखाते हुए तारों को नहीं हटाते। वहीं, बिजली विभाग के जेई सतेंद्र कुमार ने इस मामले में चैकिंग कर अवैध कटिया डालकर मोटर चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का आश्वासन ग्रामीणों को दिया है।