कानपुर- यात्री ट्रेनों का संचालन बंद है, लेकिन मालगाड़ियां और स्पेशल पार्सल ट्रेनों का संचालन हो रहा है। ऐसे में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए न सिर्फ रेलवे डब्लूएचओ की गाइडलाइन के तहत काम करा रहा है बल्कि कुछ चीजें उसने खुद भी इजाद कर दी हैं। मसलन, इस समय शराब की जांच करने के लिए स्वांस परीक्षण बंद किया गया है।
ऐसे में लॉबी में लोको पायलटों को खुद ही यह घोषणा करनी होती है, कि मैंने शराब या नशीली दवा का सेवन नहीं किया है। किसी भी ट्रेन के ड्राइवर, गार्ड या स्टाफ को रनिंग रूम में ठहरने के लिए एक से डेढ़ मीटर की दूरी पर बेड का इंतजाम किया गया है। ये रूम एक तरह से क्वारंटीन सेंटर की तरह कर दिए गए हैं।
जैसे ही लॉबी में कोई ड्राइवर या गार्ड ड्यूटी के लिए आमद दर्ज कराता है। सबसे पहले नॉन कांटैक्ट इंफ्रारेड थर्मामीटर से शरीर का तापमान नापा जाता है। बाथरूम में साबुन से हाथ धुलवाने के साथ सैनिटाइजर से भी हाथ साफ कराए जाते हैं। हैंड ड्रायर से हाथ सुखाने के बाद हाजिरी के लिए साइन इन और साइन ऑफ की व्यवस्था है। थंब इंप्रेशन और स्वांस परीक्षण बंद है।
लॉबी में ही लोको पायलटों को घोषणा करनी होती है कि उसने न तो शराब पी है और न ही किसी नशीली दवा का सेवन किया है। रनिंग रूम में प्रवेश करने से पहले गेट पर ही हाथ धुलने, सैनिटाइज करने और हाथ सुखाने के बाद ही अंदर जाने का नियम बनाया गया है। कर्मचारी इंजन को सैनिटाइज कने के साथ ही रनिंग स्टाफ द्वारा उपयोग किए गए वॉकी टॉकी को भी सैनिटाइज कर रहे हैं।