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रक्षाबंधन से पहले दर्दनाक घटना: गंगा में डूब रही थी बहन, बचाने में डूबा इकलौता भाई, बोली- भैया को ढूंढ लाओ

Mon, 28 Aug 2023 02:56 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: इकलौते बेटे के गंगा में डूबने की खबर से मां ज्योति बदहवास हो गई और रक्षाबंधन से ठीक दो दिन पहले हुई इस घटना से बहन आयुषी दहाड़े मारकर रो उठी। बार-बार उज्जवल को पुकारती रही।
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रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर में बिठुर थाना क्षेत्र के सुंदर घाट पर गंगा में डूब रही चचेरी बहन को बचाने के लिए गंगा में भाई कूद गया। स्थानीय लोगों ने बहन को तो बचा लिया, लेकिन भाई गंगा की लहरों में समा गया। काफी खोजबीन करने के बाद भी भाई का कुछ पता न चला।

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जानकारी के अनुसार, बिठूर थाना क्षेत्र के बहलोलपुर मंधना निवासी भारत गैस एजेंसी संचालक राजीव दुबे उर्फ राजा पांडेय का इकलौता बेटा उज्ज्वल दुबे (13) सावन के आखिरी सोमवार पर गंगा स्नान करने के लिए सगी बड़ी बहन आयुषी और चचेरी बहन साक्षी (23) के साथ बिठूर गया था।
सबसे पहले तीनों पुराना बिठूर निवासी अपनी मौसी पारुल के यहां गए, जहां उसके साथ मौसेरी बहन मानसी भी उनके साथ बिठूर के सुंदर घाट पर स्नान के लिए गई। चारों भाई बहन गंगा में स्नान करने लगे। उज्ज्वल, आयुषी और मानसी नहाने के बाद घाट की सीढ़ियों पर बैठ गए।

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अचानक हाथ से छूट गई थी जंजीर
साक्षी घाट की जंजीर को पकड़े हुए नहा रही थी। अचानक जंजीर छूटी और वह गहरे पानी मे डूबने लगी, जिसे बचाने के लिए उज्ज्वल ने गंगा में छलांग लगा दी। दोनों को डूबता देख आयुषी और मानसी ने शोर मचाया। घाट के पास रहने वाले सुनील शुक्ला ने किसी तरह साक्षी को बचा लिया।

निजी नर्सिंग होम में कराया  है भर्ती
हालांकि उज्जवल गहरे पानी में डूब गया। सूचना पाकर बिठूर पुलिस गोताखोरों के साथ और उज्जवल को काफी देर तक खोजा, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। साक्षी को बेहोशी की हालत में बिठूर के एक निजी नर्सिंग होम के आईसीयू में भर्ती करवाया गया। यहां थोड़ी देर बाद उसे होश आया।
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कहती रही...मेरे भैया को ढूंढ लाओ
हालांकि उसे उज्ज्वल के डूबने की जानकारी नहीं दी गई। इकलौते बेटे के गंगा में डूबने की खबर से मां ज्योति बदहवास हो गई और रक्षाबंधन से ठीक दो दिन पहले हुई इस घटना से बहन आयुषी दहाड़े मारकर रो उठी। बार-बार उज्जवल को पुकारती रही। लोगों से गुहार लगाती रही मेरे भैया को ढूंढ लाओ, मैं उसे रक्षाबंधन पर राखी बांधूगी।
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