अचानक हाथ से छूट गई थी जंजीर
साक्षी घाट की जंजीर को पकड़े हुए नहा रही थी। अचानक जंजीर छूटी और वह गहरे पानी मे डूबने लगी, जिसे बचाने के लिए उज्ज्वल ने गंगा में छलांग लगा दी। दोनों को डूबता देख आयुषी और मानसी ने शोर मचाया। घाट के पास रहने वाले सुनील शुक्ला ने किसी तरह साक्षी को बचा लिया।
निजी नर्सिंग होम में कराया है भर्ती
हालांकि उज्जवल गहरे पानी में डूब गया। सूचना पाकर बिठूर पुलिस गोताखोरों के साथ और उज्जवल को काफी देर तक खोजा, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। साक्षी को बेहोशी की हालत में बिठूर के एक निजी नर्सिंग होम के आईसीयू में भर्ती करवाया गया। यहां थोड़ी देर बाद उसे होश आया।
कहती रही...मेरे भैया को ढूंढ लाओ
हालांकि उसे उज्ज्वल के डूबने की जानकारी नहीं दी गई। इकलौते बेटे के गंगा में डूबने की खबर से मां ज्योति बदहवास हो गई और रक्षाबंधन से ठीक दो दिन पहले हुई इस घटना से बहन आयुषी दहाड़े मारकर रो उठी। बार-बार उज्जवल को पुकारती रही। लोगों से गुहार लगाती रही मेरे भैया को ढूंढ लाओ, मैं उसे रक्षाबंधन पर राखी बांधूगी।