तीन दिन की छुट्टी के बाद मंडे (सोमवार ) को शहर में उतरे हुजूम को ट्रैफिक पुलिस संभालने में नाकाम हो गई। चौराहों पर तैनात होने के बजाय सिपाही किनारे खड़े होकर धूप खाते नजर आए।
आखिर उनका जो ‘मन डे’ था। रही सही कसर शहर में चल रही खुदाई ने पूरी कर दी। चुन्नीगंज, गोविंदपुरी में वाहन घंटों फंसे रहे। शहर में हर तरफ जाम रहा। ऐसे इलाके भी जाम की चपेट में रहे जहां कभी जाम ही नहीं लगा। जाम में फंसे लोगों ने आईजी के एक नंबर भरोसे का डायल किया।
ट्रैफिक सुधारने का प्लान बना चुके आईजी को आखिर कमान संभालनी पड़ी। उनका आदेश सुन किनारे खड़े पुलिसकर्मी चौराहों पर तैनात तो हुए लेकिन ज्यादा देर टिके नहीं। शाम को दस मिनट के
सफर में एक घंटे तक लगा।
कानपुर की ध्वस्त ट्रैफिक व्यवस्था का हाल प्रदेश के नए डीजीपी बखूबी जानते हैं। लेकिन वह यह नहीं जानते कि पुलिस के आला अधिकारियों का आदेश ट्रैफिक और थाना पुलिस कैसे रद्दी के टोकरे में डालती है। आईजी जोन के प्लान पर उनकी ही ‘फौज’ बट्टा लगा रही है।
सप्ताह के पहले दिन ‘मंडे’ को शहर में भीड़ ज्यादा रहना लाजमी था। सोमवार को कचहरी चौराहा हो या झकरकटी चौराहा। गोविंदपुरी पुल और जूही पुल सब जगह की ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त रही। लोग जाम में फंस रहे और ड्यूटी पर तैनात ज्यादातर पुलिसकर्मी सड़क के किनारे खड़े हो आपस में बात करते और धूप संेकते रहे।
जाम से परेशान कई लोगों ने आईजी के एक नंबर भरोसे का में शिकायत की। इसके बाद आईजी ने खुद वायरलेस के जरिए थाना पुलिस को मौके पर भेजा। तब लोगों को जाम से कुछ राहत मिली लेकिन शाम को फिर स्थिति जस की तस हो गई।
शहर में बड़ा चौराहा पर एक टीएसआई, दो कांस्टेबल और दो होमगार्डों की ड्यूटी थी। इनमें केवल एक ट्रैफिक कांस्टेबल बूथ पर खड़े होकर ट्रैफिक को संभाल रहा था। बाकी पुलिस बूथ के पास खड़े होकर आपस में बात कर रहे थे या धूप सेंक रहे थे। चौराहे के चारों तरफ जाम में वाहन फंसे थे।
आईजी आशुतोष पांडेय के बड़ा चौराहा पर आने की सूचना मीडिया कर्मियों ने पुलिस वालों को दी तो वे सक्रिय हो गए और देखते ही देखते ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु हो गई। जैसे ही आईजी का कार्यक्रम रद्द होने की बात मालूम हुई तो फिर पुलिस वाले हाथ पर हाथ रखकर सड़क के किनारे खड़े हो गए। इससे दिन भर आम लोग जाम से जूझते रहे। कचहरी से चेतना चौराहा तक जाम, बकरमंडी चौराहा से कर्नलगंज थाना तक और वीआईपी रोड, आरटीओ रोड पर जाम रहा।
इसके अलावा चिह्नित जाम प्वाइंट मोतीझील चौराहा, झकरकटी चौराहा, अफीम कोठी चौराहा और जरीब चौकी चौराहे पर भी ट्रैफिक व्यवस्था सुबह से ही ध्वस्त हो गई। चौराहे के चारों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। नौकरी पेशा और कारोबारियों के वाहन जाम में फंस गए। इस वजह से लोग समय पर ऑफिस और दुकान पर नहीं पहुंच सके।
इन प्वाइंटों पर ट्रैफिक और थाना पुलिस के लोग तैनात थे लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था संभालने की बजाय सड़क के किनारे खड़े सब कुछ देखते रहे। जूही और गोविंदपुरी पुल पर भी जाम रहा।
एक नंबर भरोसे पर की शिकायत
जाम में फंसे लोगों ने आईजी के एक नंबर भरोसे पर शिकायत की। एक शख्स ने चुन्नीगंज तो दूसरे ने कचहरी चौराहे के पास जाम होने की शिकायत की। आईजी ने फौरन कंट्रोल रूम के जरिए कर्नलगंज थानाध्यक्ष से बात की तो पता चला कि चुन्नीगंज में सड़क खुदाई का काम चल रहा है। इससे जाम लगा है।
पुलिसकर्मी ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे हैं। आईजी ने कोतवाली इंस्पेक्टर को फोर्स के साथ कचहरी चौराहे पर जाम खुलवाने भेजा। देर शाम तक एक नंबर भरोसा पर जाम की शिकायतें आती रहीं।
जाम में फंसे हैं तो सेल्फी ले ले रे...
यदि शहर के 15 चयनित जाम प्वाइंटों पर आपको जाम मिलता है तो झट से सेल्फी खींचकर आईजी के एक नंबर भरोसा की फेसबुक आईडी पर पोस्ट कर दें। सेल्फी अपलोड होते ही ट्रैफिक पुलिस उस जाम प्वाइंट को संभालने में जुट जाएगी। कानपुर में जाम की समस्या को सोशल मीडिया से जोड़ने के बाद आईजी ने अब एक नया अभियान ‘सेल्फी विद ट्रैफिक’ शुरू किया है।
शुक्रवार को पुलिस-ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर ‘एक नंबर भरोसे का’ के फेसबुक पेज के माध्यम से 15 प्वाइंटों चिह्नित किए थे जहां पर ट्रैफिक जाम की समस्या बनी रहती है। आईजी के एक नए आदेश के मुताबिक चुने गए जाम प्वाईंटस पर पुलिस और पब्लिक दोनों ही सेल्फी लेकर ‘एक नंबर भरोसे का’ के फेसबुक पेज www.facebook.com/ 1numberbharosa पर भेजें। । ‘सेल्फी विद ट्रैफिक’ की व्यवस्था मंगलवार से 15 दिनों तक लागू रहेगी।