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Kanpur News: जीटी रोड पर जाम, सायरन बजाती रहीं एंबुलेंस

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जाम में फंसी एंबुलेंस। - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर। जीटी रोड अब राहत नहीं बल्कि रोजाना की परेशानी बन चुकी है। जाम के कारण रावतपुर से गोल चौराहा तक तीन किलोमीटर का सफर तय करने में 24 मिनट से ज्यादा का समय लग रहा है। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में शुक्रवार दोपहर जीटी रोड की बदहाल तस्वीर सामने आई।
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दोपहर 2:05 बजे रावतपुर चौराहे पर ट्रैफिक सामान्य था। महिला, पुरुष ट्रैफिक सिपाही व होमगार्ड सड़क किनारे बेंच पर बैठे बातचीत करते दिखे। यहां से कार्डियोलॉजी की ओर बढ़ने पर जीटी रोड की बाईं लेन में मेट्रो स्टेशन के नीचे तक ऑटो और निजी वाहनों की अराजकता दिखी।
करीब 2:12 बजे कुछ आगे बढ़ने पर महिलाएं, पुरुष और बच्चे जान खतरे में डाल वाहनों को रोककर डिवाइडर फांद सड़क पार करते दिखे। आगे सड़क पर बैरियर लगे थे जिन पर एंबुलेंस को रास्ता न देने पर 10 हजार रुपये जुर्माने का बोर्ड लगा था लेकिन वहां कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं मिला। दोपहर 2:16 बजे जीटी रोड पर करीब छह ऑटो एक के पीछे एक खड़े होकर सवारियां भर रहे थे। ऑटो चालकों की इस मनमानी से आधा किलोमीटर लंबा जाम लग गया। एंबुलेंस और नीली बत्ती लगी गाड़ियां करीब 15 मिनट तक हॉर्न और सायरन बजाती रहीं लेकिन उन्हें रास्ता नहीं दिया गया।
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टीम करीब 2:36 बजे गोल चौराहा पहुंची। वापसी में दूसरी लेन पर मेडिकल स्टोर और होटल के बाहर सड़क पर गंदा पानी भरा मिला। 2:40 बजे रावतपुर क्रॉसिंग के पास महिलाएं और युवतियां एंबुलेंस व अन्य वाहन रुकवाकर डिवाइडर फांदते हुए सड़क पार करती दिखीं। पूरे रूट पर एक भी ट्रैफिक सिपाही या होमगार्ड ट्रैफिक संभालता नजर नहीं आया।
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अस्पतालों तक पहुंचने में मरीजों की अटक रहीं सांसें

स्थानीय लोगों के मुताबिक रावतपुर से गोल चौराहा के बीच कार्डियोलॉजी, कैंसर अस्पताल, टीबी अस्पताल और जीटी नर्सिंग होम जैसे बड़े अस्पताल स्थित हैं। हर दिन करीब 100 से ज्यादा एंबुलेंस मरीजों को लेकर आती-जाती हैं। अस्पताल क्षेत्र को साइलेंट जोन घोषित किए जाने के बावजूद लगातार बजते हॉर्न और जाम से मरीज परेशान होते हैं। जीटी रोड के दोनों ओर फुटपाथों पर बसें, वैन, ठेले, दुकानदार और फास्ट फूड स्टॉल का कब्जा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस अभियान तो चलाती है लेकिन हालात कुछ दिनों में फिर वैसे हो जाते हैं।
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लोगों की प्रमुख मांगें

-ऑटो स्टैंड निर्धारित किए जाएं।
-फुटपाथों से अतिक्रमण हटाया जाए।
-अस्पताल रूट पर विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू हो।

-पीकऑवर्स में अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात की जाए।

-सड़क किनारे अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई हो।
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