एक तरह जीएसटी का भारी विरोध दूसरी ओर समर्थन में हो रही आतिशबाजी
एक जुलाई से लागू होने जा रहे गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) को लेकर व्यापारियों के दो गुट बट चुके हैं। एक गुट जीएसटी के खिलाफ केंद्र सरकार को कठघरे में घेरते हुए नारेबाजी पर अमादा है तो दूसरा गुट जीएसटी के समर्थन में पटाखे फोड़ रहा है।
शुक्रवार की सुबह जीएसटी के खिलाफ आगबबूला कानपुर के व्यापारियों ने देशव्यापी हड़ताल पर अपनी आवाज बुलंद करते हुए ट्रेन रोक दी। इस दौरान मोदी सरकार के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी भी की गई । कानपुर युवा उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने जीएसटी के विरोध में देशव्यापी बंदी के लिए समर्थन जुटाया। नवीन मार्केट से दोपहिया वाहनों का जुलूस निकाला। यह पुस्तक बाजार मेस्टन रोड, शिवाला बाजार, रामनरायन बाजार, फूलबाग, बिरहाना रोड, पीपलकोठी, हूलागंज होते हुए भूसा टोली बाजार में समाप्त हुआ। इस दौरान मुकुंद मिश्र, राकेश सिंह, संत मिश्र, प्रदीप गुप्ता, अश्विनी कोहली, पवन गुप्ता, राजेश गुप्ता, अजीत गुप्ता, विजय कौशल, हिमांशु गुप्ता मौजूद रहे। कलक्टरगंज में जीएसटी का पुतला भी जलाया गया।
दूसरी ओर इसी कानपुर शहर में पूर्वी क्षेत्र सर्राफा व्यापार एसोसिएशन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र चकेरी अहिरवा महाराजपुर नरवल पाली टॉस छतवारा सिकटिया बाजार पूरी तरह से खुला हुआ है। पूर्वी क्षेत्र सर्राफा व्यापार एसोसिएशन अध्यक्ष महेश वर्मा ने कहा कि हम सरकार का कोई विरोध नहीं कर रहे हैं हम जीएसटी के समर्थन में है जहां पर राष्ट्र निर्माण का नाम आता है वहां पर हम सब सरकार की नीतियों के साथ में है जब तक हम पूरी ईमानदारी से टैक्स नहीं भरेंगे तब तक देश का विकास नहीं होगा। इस दौरान जीएसटी के समर्थन में आतिबाजी भी की गई। 1 जुलाई से पूरे देश में वस्तु एवं सेवाकर यानि जीएसटी कानून लागू होने जा रहा है। एक तरफ जहां इसको लेकर आम लोगों में तरह-तरह की आशंकाएं हैं, वहीं किसान इसको लेकर दहशत में हैं।