खेतों में पानी भरने से नहीं हो रही है तुड़वाई
वो बरसात के बाद आना बंद है। इसी तरह कटरी में लगने वाली लौकी, तरोई, भिंडी की फसल खराब हो गई है। इसके अलावा खेतों में पानी भरने से सब्जियों की तुड़वाई नहीं हो रही है और खराब हो रही हैं। इसके अलावा जो सब्जी आ रही है।
अन्य राज्यों से आ रही हैं सब्जियां
वो बाहर के राज्य जैसे इंदौर, बेंगलुरू, शाजापुर, नासिक से आ रही है। वहां का माल भाड़ा भी अधिक होता है। इसके चलते भी भाव बढ़ रहे हैं। आढ़ती हरिशंकर ने बताया कि थोक में आलू 11-12 रुपये किलो है। जबकि प्याज 10 से 17 रुपये किलो में है।
10 से 15 फीसदी खराब हो रहा है माल
प्याज की फसल खराब है। ऐसे में आने वाले समय में भाव में तेजी दिख सकती है। हालांकि अभी भाव स्थिर चल रहे हैं। फुटकर में अच्छा प्याज 20 से 25 रुपये किलो है। बारिश के कारण सब्जी आने जाने में 10 से 15 फीसदी खराब हो रही है। अमूमन पांच फीसदी सब्जी खराब होती।
23 जून को सब्जियों के फुटकर दाम
- टमाटर 80 से 100
- कद्दू 30
- लौकी 30
- भिंडी 40
- तरोई 60
- परवल 80
- आलू 20
- अदरक 150 से 200
- प्याज 20
- करेला 30
- शिमला मिर्च 60
- गाजर 60
एक जुलाई को सब्जियों के फुटकर दाम
- टमाटर 200
- कद्दू 40
- लौकी 40
- भिंडी 40-50
- तरोई 60
- परवल 80
- आलू 20
- अदरक 250
- प्याज 20-25
- करेला 60
- शिमला मिर्च 80
- गाजर 60
सलाद से टमाटर गायब
कानपुर होटल, गेस्ट हाउस, स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट एसाेसिएशन के महामंत्री राजकुमार भगतानी ने बताया कि रेस्टोरेंट और होटलों में सलाद से टमाटर गायब है। भाव तेज होने के कारण ग्राहक की मांग पर ही अलग से शुल्क के साथ टमाटर सलाद में दिया जा रहा है।
टमाटर व दूसरी सब्जियों के तने काफी मुलायम होते हैं, ऐसे में यदि कई दिन तक खेतों में पानी भरा रहता है तो वे सड़ जाते हैं। दूसरी वजह यह है कि खेतों में पानी भरे होने के कारण फसलों को निकालने में भी देरी हो जाती है, जिससे सब्जियांं खेतों में ही सड़ जाती हैं। इससे भी आवक कम हुई है। -डॉ. एसएन पांडेय, कृषि व मौसम वैज्ञानिक