कानपुर में चूल्हे पर लकड़ी या कोयला जलाकर भोजन बनाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए शुरू हुए अभियान के तहत जिला पूर्ति विभाग से सर्वे शुरू किया है। जिसमें इस तरह से भोजन बनाने वालों को चिह्नित कर जागरूक किया जाएगा। जिला पूर्ति अधिकारी अखिलेश कुमार ने बताया कि हर घर तक सिलिंडर का कनेक्शन देने व जो लोग कनेक्शन के बाद भी चूल्हे का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनको सिलिंडर लेने के लिए प्रोत्साहित करने का काम 10 गैस एजेंसियों को दिया गया है।
पिछले दिनों आईआईटी कानपुर की तरफ से शहर में प्रदूषण को दूर करने के लिए एक प्रोजेक्ट उप्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दिया था। जिस पर कार्य करने के लिए तीन बैठकों के बाद शासन से दिशा-निर्देश जारी हुए हैं। इसके तहत वायु प्रदूषण फैलने के मामले जिन विभागों से जुड़े हैं, उन्हें ही इसे रोकने की जिम्मेदारी दी गई है।
इन क्षेत्रों को किया गया चिन्हित
जिन वार्डोें को इसके लिए चिह्नित किया गया है, उसमें गुजैनी, दबौली, रतनलाल नगर, बर्रा, वसंत बिहार, कर्रही, नौबस्ता, सिविल लाइंस, परमट, परेड, चमनगंज, गांधीनगर, सीसामऊ, तलाक महल, नाजिरबाग, रायपुरवा, दलेलपुरवा, चुन्नीगंज, मकराबर्टगंज व कर्नलगंज हैं। इसकी मानीटरिंग के लिए जूही, किदवई नगर, कोतवाली, अनवरगंज, कोपरगंज व कर्नलगंज के क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।