इटावा। झूसी-प्रयागराज रामखंड में नॉन इंटरलाकिंग कार्य के चलते दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर दौड़ने वाली कई ट्रेनों को निरस्त या फिर उनका मार्ग परिवर्तित कर दिया गया है। इसमें इटावा जंक्शन से होकर गुजरने वाली चार एक्सप्रेस शामिल हैं।
इससे यात्री परेशान हैं। बीते तीन दिनों में 1248 लोगों ने अपनी आरक्षित टिकट निरस्त कराया है। अब वह दूसरी ट्रेनों में आरक्षित टिकट पाने को परेशान हैं, क्योकि ज्यादातर ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। जरूरतमंद यात्री टिकट कंफर्म न होने पर जनरल टिकट लेकर यात्रा करने को मजबूर हैं।
इटावा जंक्शन से अप-डाउन में लंबी दूरी की चार एक्सप्रेस को निरस्त कर दिया गया है। इसमें बनारस-नई दिल्ली, आनंद बिहार टर्मिनल-सीताबडी एक्सप्रेस, बनारस-बीरावल एक्सप्रेस व जम्मू-तवी-धनबाद एक्सप्रेस 13 दिसंबर तक निरस्त कर दी गई है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तिथि निरस्त आरक्षित टिकटें
आठ दिसंबर 700
नौ दिसंबर 348
10 दिसंबर 200
शहर के मोहल्ला गांधी नगर निवासी राजीव सक्सेना ने बताया कि उन्हें 11 दिसंबर को बनारस-बीरावल एक्सप्रेस ट्रेन पकड़नी थी, लेकिन गाड़ी निरस्त हो गई। इस पर उन्होंने 1680 रुपये की आरक्षित टिकट निरस्त कराई और आगरा से 3200 रुपये में टिकट बुक कराना पड़ा।
नौरांगाबाद निवासी ब्रजेंद्र राजपूत ने बताया कि उन्हें 10 दिसंबर को दिल्ली जाना था। ट्रेन निरस्त होने पर दूसरी ट्रेन में आरक्षण करवाने के लिए भागदौड़ करते रहे, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद उन्होंने घूमने का प्लान बदल दिया। उन्होंने बताया कि अब वह बाद में दिल्ली जाएंगे।
इटावा जंक्शन से अप-डाउन में जाने वाली में कई गाड़ियां बिलंब से इटावा रेलवे स्टेशन पहुंचीं। इसमें मुरी एक्सप्रेस 40 मिनट, कालका नेताजी एक्सप्रेस 30 मिनट, नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस 30 मिनट, कानपुर टूंडला पैसेंजर 10 मिनट, अलीगढ़-कानपुर मेमू 10 मिनट, गोमती एक्सप्रेस 15 मिनट, महानंदा एक्सप्रेस 15 मिनट समेत कई ट्रेनें बिलंब से प्लेटफार्म पर पहुंची। इसकी वजह से यात्रियों को ठंड में परेशानी हुई।