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यहां पीसीएस-जे टॉपर ने दिए जज बनने के टिप्स, आप भी जानें कैसे मिल सकती है निश्चित सफलता

Wed, 25 Oct 2017 09:54 AM IST
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, कानपुर
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लोगों के सवालों का जवाब देतीं तपस्या अग्रवाल और गरिमा सिंह
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अगर जज बनना है तो तय कर लीजिए कि आप हार नहीं मानेंगे। हो सकता है कि एक दो बार असफल हो जाएं लेकिन अगर मेहनत करते रहेंगे तो निश्चित तौर पर सफलता मिलेगी। भाग्य भी कई जगह मायने रखता है। कई बार आप मेहनत के बावजूद एक दो मार्क्स से चूक जाते हैं लेकिन फिर भी हौसला नहीं हारना चाहिए।
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यह बातें सोमवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की पीसीएस-जे 2016 में सातवीं रैंक हासिल करने वाली गरिमा सिंह और दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से होने वाली दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विसेज एग्जाम 2015 में 18वीं रैंक हासिल करने वाली तपस्या अग्रवाल ने कहीं। दोनों ‘अमर उजाला’ कानपुर में संवाद कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों के छात्रों को फोन पर पीसीएस-जे, क्लैट व लॉ के अन्य परीक्षाओं से जुड़े सवालों के जवाब दे रहीं थीं। दोनों ने बताया कि पीसीएस जे के लिए पढ़ाई का कोई खास तरीका नहीं है। अपनी क्षमता के हिसाब से जितना चाहें, उतने समय तक पढ़ाई करें। बस यह ख्याल रखिए कि आप खुद के साथ धोखा न करिएगा। एलएलबी की अपनी किताबें जरूर पढ़ें। यह काफी मददगार हाेंगी। इसके अलावा आपको रोजाना हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के दो से तीन अखबार पढ़ना चाहिए। इससे आपकी जनरल नॉलेज (सामान्य ज्ञान) मजबूत होगी। जनरल नॉलेज का महत्व न केवल पीसीएस जे हैं बल्कि अगर आपको कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) या लॉ की अन्य प्रवेश परीक्षा देनी हैं तो उसके लिए भी आप काफी हद तक तैयार हो जाएंगे।

गरिमा बोलीं पुराने पेपर जरूर हल करें

लोगों के सवालों का जवाब देतीं तपस्या अग्रवाल और गरिमा सिंह
- न्यायिक सेवा की प्रतियोगी परीक्षा राज्य स्तर पर आयोजित होती है। अलग-अलग प्रदेशों के परीक्षा पाठ्यक्रम में भिन्नताएं होती हैं। कभी-कभी कुछ परीक्षाएं एकदम आसपास की तिथियों पर होती हैं। कुछ प्रदेशों में तो स्थानीय भाषा की परीक्षा अलग से भी होती है, जैसे गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल आदि राज्य। वहीं, कुछ राज्यों में स्थानीय विधि के ज्यादातर सवाल प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा में पूछे जाते हैं। ऐसे में अपनी प्राथमिकताएं तय करें तथा चयन करें कि किस प्रदेश या किन प्रदेशों की परीक्षाएं आपके लिए महत्वपूर्ण हैं।
- वर्तमान परीक्षा परिपाटी के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा तथा मुख्य परीक्षा के बीच काफी कम समय मिलता है। परीक्षा कार्यक्रम में ही तिथियां दे दी गई होती हैं। ऐसे में प्रारंभिक परीक्षा के साथ मुख्य परीक्षा की तैयारी भी करने की कोशिश करिए।
- जिस प्रदेश की परीक्षा देनी हो, उसके प्रदेश की पूर्व परीक्षाओं के प्रश्न पत्र जरूर हल करें। इससे आपको प्रश्न पत्र का पैटर्न मालूम होगा और आप परीक्षा के लिए सही तरीके से तैयार हो पाएंगे। प्रश्नों की पुनरावृत्ति भी होती है ऐसे में आपको कई सवाल वही मिलेंगे जो आपने पढ़ा होगा।
- सामान्य अध्ययन तथा अंग्रेजी पर विशेष ध्यान दें। यूपी में पीसीएस-जे परीक्षा में सामान्य अध्ययन का पेपर 150 अंकों का होता है। जबकि शेष 300 अंकों में लॉ की परीक्षा होती है। इसी तरह मेंस में भी दोनों विषयों का काफी योगदान होता है। यह दोनों ही निर्णायक भूमिका अदा करते हैं।
 

तपस्या ने कहा इंटरनेट की मदद लें

तपस्या अग्रवाल और गरिमा सिंह
- जितना ज्यादा हो सके एलएलबी के बेसिक क्लियर करें। इंटरनेट पर कई लॉ ब्लॉग चलते हैं, जिन पर पल-पल की अपडेट आती है। यह लॉ की अपडेट आपके लिए बेहद कारगर होंगी। प्री क्वालीफाई करने के बाद जब मेंस एग्जाम में बैठोगे तो यह नए लाइव लॉ ब्लॉग आपके बहुत काम आएंगे। इसके अलावा इंटरव्यू में भी आप अपडेटेड जानकारी के साथ बैठेंगे तो ज्यादा आसानी होगी। बेयर एक्ट भी तैयारी में काफी कारगर हो सकता है।
- पीसीएस जे क्वालीफाई करने के लिए सबसे ज्यादा सेल्फ स्टडी जरूरी है। जितना बुक्स पढ़ेंगे, उतना ही फंडे क्लियर होंगे।
- अगर आप 12वीं के बाद लॉ करना चाहते हैं तो आप कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) जरूर दें। इस परीक्षा को पास करने के बाद आप देश के सर्वश्रेष्ठ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में दाखिला ले सकते हैं।
- अगर आप लॉ कर रहे हैं और आपका लक्ष्य पीसीएस-जे की परीक्षा है तो आप पढ़ाई के दौरान ही तैयारी शुरू कर दें।
- अलग-अलग अखबारों के संपादकीय पढ़ने से आप विभिन्न विचारों को समझ पाएंगे और देश और दुनिया के बड़े मुद्दों पर आपके विचार भी विकसित होंगे। 
 
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सवाल और जवाब...

तपस्या अग्रवाल और गरिमा सिंह
प्रश्न : क्लैट की तैयारी कैसे करें? इसके बाद पीसीएस-जे में कैसे जा सकते हैं?
- अदिति, इटावा
उत्तर : क्लैट में कुल 200 प्रश्न होंगे। इसमें इंग्लिश कॉप्रिहेंशन, जनरल नॉलेज, करंट अफेयर्स, एलिमेंट्री मैथमेटिक्स, लीगल एप्टीट्यूड और लॉजिकल रीजनिंग के सवाल होंगे। सबसे ज्यादा फोकस जनरल नॉलेज और लीगल एप्टीट्यूड पर करें। इन दोनों से 50-50 अंकों के सवाल होते हैं। इसके बाद लॉजिकल रीजनिंग पर फोकस करें।
प्रश्न : पीसीएस-जे की तैयारी के लिए कौन सी किताबें पढ़ सकते हैं?
- धनंजय सिंह, फतेहपुर
उत्तर : लॉ बैरेक्स पढ़िए। सीआरपीसी, एविडेंस, सीपीसी, आईपीसी की अच्छी जानकारी रखिए। एनसीक्यूएस के लिए ओपी त्रिपाठी की किताब पढ़ सकते हैं।
प्रश्न : पीसीएस-जे मेंस में जीएस की तैयारी करने के लिए क्या करना चाहिए?
कामना, श्यामनगर कानपुर 
उत्तर : जीएस को तीन भागों में विभाजित कर लें। इसमें आपसे भारतीय इतिहास, भूगोल, संस्कृति, राजनीति, मौजूदा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मुद्दे, अर्थशास्त्र, अवार्ड, विज्ञान, स्पेस, तकनीक, कम्युनिकेशन से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। इनमें से ज्यादातर टॉपिक आप अखबार के नियमित अध्ययन करने से तैयार कर सकती हैं।
प्रश्न : एलएलबी प्रथम सेमेस्टर की छात्रा हूं। पीसीएस-जे की तैयारी कैसे कर सकती हूं?
प्रतिभा पाठक, उन्नाव
उत्तर : आपका कान्सेप्ट क्लीयर है, इसलिए आपको परेशानी नहीं होगी। आप अपनी लॉ की किताबों को अच्छे से पढ़ें। पीसीएस-जे के पुराने प्रश्न पत्र हल करने की कोशिश करें।
प्रश्न : मुझे पढ़ाई के दौरान निगेटिव थिंकिंग आती है। इससे कैसे बचा जा सकता है?
ऋषि यादव, मकड़ी खेड़ा कानपुर 
उत्तर : पहले यह तय करना होगा कि आप जो पढ़ रहे हैं, उसमें आपकी रुचि है या नहीं। अगर नहीं तो उसे छोड़ जिसमें आपका मन लगे उसे करने की कोशिश करें। जब आप मनपसंद पढ़ाई या काम करेंगे तो आपकी सोच भी बदल जाएगी।
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