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रावण का पुतला बनाने को पयार लेने निकले थे पांच छात्र, घर लौटे तीन के शव

Fri, 07 Oct 2016 12:00 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
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छात्रों के परिजनों से बात करती पुलिस - फोटो : राहुल शुक्ला
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गोविंद नगर के नौरैय्या खेड़ा में पनकी-मर्दनपुर नहर में बृहस्पतिवार दोपहर को नहाने गए पांच छात्रों में तीन छात्र डूब गए। इसकी सूचना पर पहुंचे पुलिस कर्मियों और कुछ लोगों ने नहर में कूदकर छात्रों को बाहर निकाला। पुलिसकर्मी फौरन इन्हें नजदीक के एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
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बर्रा-दो डबल कालोनी निवासी रिटायर्ड फौजी केपी सिंह का इकलौता बेटा दीपक (15) क्षेत्र के ही स्कूल में 11वीं कक्षा का छात्र था। वह मुहल्ले में रहने वाले दोस्त कृष्णकांत उर्फ छोटू (15), शिवम उर्फ हनी, अमन (14) और यशू उर्फ अभय गुप्ता (14) के साथ घर से निकला था। यशू ने पुलिस को बताया कि पांचों दोस्त घर से निकलकर एक जगह पर इकट्ठा हुए। वहीं पर तय हुआ कि अमन को दशहरा पर रावण का पुतला बनाना है। दीपक ने रावण का पुतला बनाने के लिए दादानगर नहर किनारे से पयार लेकर आने की योजना बनाई। इसके बाद पांचों दोस्त तीन साइकिलों पर पनकी-मर्दनपुर नहर पर पहुंचे। 


 
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गर्मी और उमस के चलते पांचों लगे थे नहर में नहाने

नहर में डूबकर मरने वाले तीनों छात्रों की तस्वीर - फोटो : राहुल शुक्ला
गर्मी और उमस के चलते पांचों वहां नहर में नहाने लगे। यशू के मुताबिक वह और अमन तैरना नहीं जानते हैं। इसलिए नहर किनारे ही नहाकर बाहर आ गए। जबकि छोटू, दीपक और शिवम बीच नहर में पहुंच गए। काफी देर तक तीनों नजर नहीं आए तो तुरंत उन्होंने शोर मचाया। इसके बाद पास से गुजर रहे दो पुलिसवालों व एक युवक की मदद से तीनों को खौजकर बाहर निकाला गया। लेकिन अस्पताल ले जाने तक बहुत देर हो चुकी थी इसलिए किसी को बचाया नहीं जा सका। हादसे की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए और वहां कोहराम मच गया। परिजन अपने लाल के शव से लिपटकर बिलख पड़े। 

 
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