मामूली बात पर परिजनों से झगड़ते थे
इसी तरह गुजैनी गांव निवासी वैन चालक सतीश कश्यप (25) ने मधुमेह की बीमारी से तंग आकर 14 मार्च को फंदे से लटक कर जान देने का प्रयास किया था। परिजन आनन-फानन फंदे से उतार कर हैलट ले गए जहां शुक्रवार रात इलाज के दौरान सतीश ने दम तोड़ दिया। पत्नी सुशीला और मां मतनिया ने बताया कि शुगर हाई रहने के कारण वह डिप्रेशन रहने लगे थे। मामूली बात पर परिजनों से झगड़ जाते थे। तनाव के चलते जान दे दी।
उलझनों के चलते जहर खा लिया था
शिवराजपुर के सैलहा निवासी आदित्य पाल (30) प्राइवेट नौकरी करते थे। उसकी मां उमा देवी ने बताया कि ढाई साल पहले उसकी पत्नी संध्या ने जहर खाकर जान दे दी थी। उसके परिजनों ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तब से आदित्य तनाव में रहने लगा था। भाई राहुल ने बताया कि उलझनों के चलते उसने भी जहर खा लिया था। परिजनों ने उसे रावतपुर स्थित नर्सिंग होम में भर्ती कराया था, जहां शुक्रवार रात उसकी मौत हो गई।