रिश्तेदारों के साथ मिलकर करीब 35 करोड़ का गबन किया
भरोसा दिलाने के लिए ऑनलाइन सोना देने के नामप र एक ऑनलाइन साइट की आईडी भेज दी। उन्होंने कुछ रकम दी, तो मुनाफे का झांसा देने के लिए करीब चार लाख रुपये उनके खाते में अलग-अलग तारीखों में भेजे। मुनाफा होता देख महेंद्र ने 63 लाख दे दिए तो मुनाफा देना बंद कर दिया। इस बीच उन्हें पता चला कि आरोपी ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर करीब 35 करोड़ का गबन किया है।
पहले कुछ दिन तो निवेश दिया, बाद में अकाउंट सस्पेंड दिखाने लगा
इस पर उन्होंने रुपये लौटाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस पर आरोपी ने उन्हें उस वेबसाइट पर दिख रहे मुनाफे का झांसा दिया जिसके जरिये निवेश कराया गया था। उसमें पहले कुछ दिन तो निवेश दिया, लेकिन बाद में अकाउंट सस्पेंड दिखाने लगा। इस पर उन्होंने विवेक, उनके रिश्तेदार कुंवर जहान सिंह, विनय सिंह, अमृता सिंह, प्रतीक्षा सिंह, शिवम सिंह, दिव्य प्रकाश सिंह, कृपांश सिंह, आशा सिंह, महर्षि सिंह, आयुष गुप्ता, मानस बघेल, प्यासी मिश्रा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
जमीन नाम करने का दिया था झांसा
महेंद्र का कहना है कि जब शुरू में जब वह रुपये लगाने में कतरा रहे थे, तो आरोपियों ने भरोसा दिलाने के लिए कई तरह के झांसे दिए। दो किलो ऑनलाइन सोना ट्रांसफर करने की बात कही। इससे भी जब वह संतुष्ट नहीं हुए, तो आरोपी के पिता कुंवर जहान सिंह ने रुपये मिलने व मुनाफे की गारंटी ली। वहीं, उसके भाई विनय सिंह ने गारंटी के तौर पर जमीन का इकरारनामा कराने की बात कही। हालांकि इसी बीच उन्हें मुनाफे के तौर पर कुछ पैसा मिला, तो उन्होंने इकरारनामा नहीं कराया।