कानपुर। कई देशों के 700 से ज्यादा लोगों से हुई लगभग 1500 करोड़ की धोखाधड़ी की हर परत के पीछे कई राज हैं। क्राइम ब्रांच और एसआईटी को महाठग रविंद्रनाथ सोनी के मोबाइल में नई क्रिप्टो करेंसी के तीन नए प्रारूप मिले हैं। इनको मार्केट में चलाने की तैयारी थी। सोनी के मोबाइल में पूर्व में एमटीसी क्रिप्टो करेंसी बनाने के फरार आरोपी अमित लखनपाल से बातचीत के सबूत मिल चुके हैं। ऐसे में नए सिरे से जांच शुरू हो गई है।
कोतवाली पुलिस ने 42.29 लाख की ठगी के इनामी आरोपी दिल्ली के मालवीयनगर निवासी रविंद्रनाथ सोनी को देहरादून से गिरफ्तार कर 1500 करोड़ रुपये की ठगी का राजफाश किया था। पुलिस ने उसका रिमांड लेकर संपत्तियों, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य दस्तावेज बरामद किए। एडीसीपी क्राइम अंजलि विश्वकर्मा ने बताया कि रविंद्रनाथ सोनी के 11 मोबाइल फोन में कई सबूत मिले हैं। वह करोड़ों रुपये को जहां सोने के बिस्कुट में बदलने की तैयारी में था वहीं, नई डिजिटल करेंसी भी बनाने जा रहा था। इन डिजिटल करेंसी के तीन प्रारूप उसके मोबाइल में मिले हैं।
सोनी के अमित लखनपाल से डिजिटल करेंसी के संबंध में बातचीत के साक्ष्य पहले ही मिल चुके हैं। अमित लखनपाल की सीबीआई तलाश कर रही है। उसने एमटीएम डिजिटल करेंसी बनाई थी जिसे भारत सरकार और आरबीआई ने मान्यता नहीं दी। उसपर लोगों को लालच देकर निवेश कराने का आरोप है।
-
परिजनों के नाम पर संपत्तियों की जानकारी
एसआईटी सूत्रों के मुताबिक अमित और सोनी की कुछ संपत्तियों की जानकारी हुई है। इसे परिजनों के नाम पर लिया गया है। कई दोस्तों की लिस्ट भी मिली है। यह अपराधी या भगौड़े हो सकते हैं। इसकी जांच कराई जा रही है। कई विदेश में रहे रहे एनआरआई से मैसेज चैट मिले हैं। इनमें से कुछ को डिलीट किया गया है। मैसेज चैट और बातचीत के अंश को रिकवर कराया जा रहा है।