तेज बुखार के बाद रोगियों की हालत बिगड़ी
डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसी तरह दोपहर में दो रोगी आए। मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि दोनों ब्रॉट डेड थे। वहीं रोगियों के परिजनों का कहना था कि तेज बुखार के बाद रोगियों की हालत बिगड़ गई। अस्पताल लेकर भागे, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग प्रभारी डॉ. बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि फीवर वार्ड फुल है।
बढ़ जा रहे हैं लिवर के इंजाइम
वहीं उर्सला में हाई ग्रेड फीवर के नौ रोगी भर्ती किए गए। इसके अलावा चार रोगी डेंगू के भर्ती हुए। इसके साथ ही यूडीएसपी पोर्टल में बुखार के 19 रोगियों की सूची जारी की गई। सोमवार को हैलट की मेडिसिन की ओपीडी में चार सौ रोगी आए। इनमें 120 रोगी बुखार के थे। डॉ. कुशवाहा और डॉ. प्रियदर्शी ने बताया कि हाई ग्रेड फीवर के बाद रोगियों के सांस तंत्र में दिक्कत होती है। लिवर के इंजाइम बढ़ जा रहे हैं।
डेंगू-मलेरिया का एक-एक, चिकुनगुनिया के तीन रोगी मिले
सोमवार को यूएसडीपी पोर्टल पर एक डेंगू, एक मलेरिया और तीन चिकुनगुनिया के रोगियों की सूची जारी की गई। डेंगू संक्रमित लखनपुर, मलेरिया संक्रमित जूही लाल कालोनी का रहने वाला है। इसके अलावा स्वरूपनगर, हर्षनगर और विकासनगर में चिकुनगुनिया संक्रमित मिले हैं। डेंगू संदिग्ध 51 रोगियों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। 145 रोगियों के सैंपल मलेरिया की जांच के लिए भेजे गए।