बांदा। गोवा में बैठकर ऑनलाइन बेटिंग और साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। चित्रकूट जनपद में रहने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि गिरोह का सरगना अभी पकड़ से दूर है।
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज व क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम सौरभ सिंह ने बताया कि बदौसा थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने साइबर क्राइम थाने में सूचना दी कि राघवपुरी, चित्रकूट निवासी राजकुमार उन्हें 10 से 15 हजार रुपये कमाने का लालच देकर उनकी बैंक पासबुक, एटीएम व अन्य दस्तावेज प्राप्त करना चाह रहा था। इस शिकायत पर साइबर थाना पुलिस एक्टिव हुई और जांच की गई तो पता चला कि राजकुमार एक अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़ा हुआ है, जो गोवा में बैठकर ऑनलाइन बेटिंग व साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देता है।
क्षेत्रीय स्तर पर गिरोह का मुख्य सरगना छत्तीसगढ़ रायपुर के ठक्कर बापा गुड़ियारी गांव निवासी आकाश उर्फ रजनीश कुमार द्विवेदी बांदा व चित्रकूट जनपद तथा उसके आसपास के जनपदों के साथ-साथ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ क्षेत्र में भी एजेंट तैयार करता है। यह एजेंट स्थानीय भोले-भाले लोगों को 10-15 हजार रुपये का लालच देकर उनके बैंक खातों की डिटेल, पासबुक, एटीएम आदि प्राप्त करते थे।
पुलिस ने चित्रकूट के कर्वी कोतवाली क्षेत्र के चित्रा गोकुलपुर गांव निवासी दीपक कुमार, चित्रकूट के ही संग्रामपुर निवासी कृष्ण कुमार कुशवाहा, राघवपुरी गांव निवासी राजकुमार सोनकर को अतर्रा राइस मिल के पास से सोमवार की देर शाम पकड़ लिया। मुख्य सरगना आकाश की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से ठगी में प्रयुक्त चेकबुक, पासबुक, तीन मोबाइल फोन, आधार कार्ड/फर्जी दस्तावेज एवं 16 चूडि़यां, एक वाहन बरामद किया गया हैं। गिरफ्तारी टीम में इंस्पेक्टर विजय कुमार सिंह, एसआई आकाश शुक्ला, हिमांशु वर्मा, ललित कुमार हैं।