मकान मालिक को नहीं पता था
एक अपार्टमेंट में सिक्योरिटी गार्ड प्रदीप मिश्रा ने पुलिस को बताया कि उनको नहीं पता था कि मकान में मजदूर पहुंचे हैं। बगैर उनकी जानकारी के लिए शटरिंग खोलने के लिए पहुंचे थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि लंबे समय से मातादीन की शटरिंग प्रदीप के मकान में फंसी थी, जिससे उनका काम प्रभावित हो रहा था। इसलिए मातादीन ने शटरिंग खोलने के लिए तीनों को भेजा था।
गांव में मातम, अस्पताल में कोहराम
तीनों मृतक एक ही गांव के हैं। हादसे की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया। हैलट में तीन लाशों को देखकर कोहराम मच गया। यहां बिल्हौर विधायक राहुल बच्चा सोनकर भी मौके पर पहुंचे। पुलिस प्रशासन के अफसरों ने भी पीड़ित परिजनों को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।