फतेहपुर में विवाहिता से घर में घुसकर गैंगरेप के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने अपना फैसला सुनाया है। प्रकरण अदालत में चार वर्ष से विचाराधीन था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कमलकांत श्रीवास्तव ने सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव की ओर से पेश साक्ष्यों और गवाहों को मद्देनजर रखते हुए तीनों दोषियों को बीस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
घटना थरियांव क्षेत्र के एक गांव की है। कौशांबी जनपद के एक इंटर कालेज के कर्मचारी का परिवार यहां गांव में रहता था। 19 मई 2016 को गर्मी अत्यधिक होने के कारण पूरा परिवार रात को छत पर सो रहा था और कर्मचारी की पत्नी नीचे सोई थी। अधिवक्ता के मुताबिक रात बारह बजे गांव के ही जुग्गीलाल, मुन्नाभाई उर्फ कृष्ण प्रसाद और रामसरन उसके घर में घुस गए और मुंह में कपड़ा ठूंसकर विवाहिता के साथ दुष्कर्म किया था।
पीड़िता ने घटना की जानकारी परिजनों को दी तो अगली सुबह ही प्रकरण थरियांव थाने पहुंचा था। सामूहिक दुष्कर्म जैसे संवेदनशील मामले में भी पुलिस ने सीधे एफआईआर नहीं लिखी। पीड़िता और उसके परिजन न्याय पाने के लिए तकरीबन दो माह तक थाने से लेकर एसपी और डीएम कार्यालय तक के चक्कर काटते रहे। लिहाजा पीड़िता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।