होनहार बेटा पिता की करता था मदद
रवि पढ़ाई में तेज था। 18 साल की उम्र में वह बीएससी थर्ड इयर की पढ़ाई कर रहा था। रिश्तेदार राजन ने बताया कि पिता मोहन मिश्रा जब समाचार पत्र वितरण के लिए जाते तो वह उनकी मदद के लिए सुबह उनके साथ जाता था। होनहार बेटा छिन जाने से पिता भी बेसुध हो गए।