अयोध्या में रविवार को दर्दनाक हादसा हुआ है। तीन नाबालिग दोस्तों की सरयू नदी में डूबकर मौत हो गई, नहाने के दौरान यह हादसा हुआ। कानपुर के छह नाबालिग दोस्त अयोध्या गए थे।
कानपुर शहर से अयोध्या राम मंदिर दर्शन करने गए छह नाबालिग दोस्तों में से तीन नदी में स्नान के दौरान डूब गए। हादसे की खबर से बर्रा आई ब्लॉक स्थित उनके घरों में कोहराम मच गया। डूबने वालों में बीएससी के छात्र शुभम उर्फ रवि मिश्रा, हर्षित अवस्थी और प्रांशु के परिजन मानने को ही तैयार नहीं कि उनके बच्चे डूब गए हैं।
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देर रात तीन शव एक ही गली में पहुंचे तो रोना-पीटना शुरू हो गया। एक दिन पहले ही तीनों अपने मोहल्ले में रहने वाले तीन अन्य साथियों अमन, कृष्ण सहगल और तनिष्क पाल अयोध्या पहुंचे। शनिवार को राम मंदिर के दर्शन करने के बाद रविवार सुबह करीब आठ बजे सभी सरयू नदी में स्नान के लिए पहुंचे।
नदी में उतरने से पहले सभी ने एक साथ सेल्फी ली। शुभम व अन्य ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट भी डाली। तनिष्क ने वीडियो कॉल कर अपनी मां रानी व भाई से बात कर बताया कि नहाने के बाद सभी कानपुर के लिए निकलेंगे।
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किसी को नहीं पता था कि ये उनकी आखिरी कॉल है। बच्चों की मौत की सूचना के बाद जहां एक ओर सभी छह बच्चों के परिजन अयोध्या की ओर दौड़ पड़े। वहीं, तीनों मृत बच्चों के घरों में चीख पुकार मच गई। परिजन अपने नसीब और ईश्वर को कोसते रहे।
बचपन के दोस्त को आंखों के सामने सरयू में समाते देखा
प्रत्यक्षदर्शी अमन अयोध्या से लौटने के बाद घर में दोस्तों की मौत का मंजर याद करके कांप उठता है। घर में पलंग पर लेटे अमन ने रोते हुए बताया कि वह हर्षित व तनिष्क बचपन के दोस्त है। वह लोग एक ही गली में अगल-बगल रहते है। इसलिए उन लोगों में गहरी छनती थी। तीनों एक साथ घूमते और मौज मस्ती करते थे। सभी हर्षित के साथ अयोध्या गए थे। वहां अपनी आंखों के सामने सरयू नदी में नहाते समय हर्षित और तनिष्क को पानी में समाते हुए देखा। दोनों पानी में डूब रहे थे और बचाने की गुहार लगा रहे थे। इसके बाद भी वह कुछ नहीं कर सका।
हर्षित के चक्कर में सब गए थे रामलला के दर्शन करने
प्रत्यक्षदर्शी तनिष्क पाल ने बताया कि हर्षित अवस्थी को काम के सिलसिले में अयोध्या जाना था। यह बात हर्षित ने दोस्तों को बताई। इसके बाद सभी ने तय किया सभी लोग अयोध्या चलें। वहां हर्षित का काम भी हो जाएगा और सभी लोग सरयू नदी में स्नान करने के बाद रामलला के दर्शन भी कर लेंगे। इसलिए हर्षित के साथ पांच दोस्त अयोध्या गए थे।
पहले होगा जनेऊ, फिर अंतिम संस्कार
डूबकर मरने वाले बच्चों में शामिल शुभम उर्फ रवि हर्षित और प्रांशु का पहले जनेऊ संस्कार होगा और उसके बाद भैरव घाट में ही उनका अंतिम संस्कार भी होगा। इससे पहले रविवार रात तीनों की अर्थी को घर की गली के बाहर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। परिजनों के अनुसार तीनों की एक साथ अर्थी घर से उठेगी और एक साथ ही तीनों का अंतिम संस्कार होगा।
शमशान घाट के पास नहाने गए थे बच्चे
बच्चों ने बताया कि वह सभी पहले उस घाट में नहाने के लिए जा रहे थे जहां सभी नहाते हैं। हालांकि वहां भीड़ होने की वजह से वह शांति तलाशते हुए उस जगह पहुंच गए जहां से शवों को भी जलाया जाता था। उस हिस्से से होकर नदी में बोट भी जाती थी इसलिए वहां लहरें भी तेज उठती थी। इसी वजह से तीनों को बचने संभलने का मौका ही नहीं मिला।