हरदोई में पन्यौड़ी गांव की सरकारी गोशाला में अव्यवस्था ने शनिवार को तीन मवेशियों की जान ले ली। रविवार को हुए पोस्टमार्टम करने वाले पशु चिकित्साधिकारी डॉ. मंजुला का कहना है कि खाने में सिर्फ भूसा मिलने और परिसर में पानी भरे रहने से बीमार मवेशियों की मौत हुई है।
मवेशियों की मौत से ग्रामीण आक्रोशित होकर धरने पर बैठ गए। पन्यौड़ी गांव की गोशाला में 133 मवेशी बंद हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रविवार की सुबह से दोपहर तक करीब एक दर्जन मवेशियों ने दम तोड़ दिया। गुपचुप ढंग से गड्ढे खुदवाकर मृत मवेशियों को दफन करा दिया गया है।
इसके बाद महेसुरदास बाबा धरने पर भी बैठ गए। काफी संख्या में ग्रामीण जुटे रहे। सूचना पर पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर मंजुला, तहसीलदार अरविंद शुक्ला मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और मवेशियों के लिए पर्याप्त हरे चारे की व्यवस्था कराने का आश्वासन देकर धरना खत्म कराया।
पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि गोशाला में तीन मवेशियों की मौत हुई है। उन्होंने बारिश के चलते भी मवेशियों के बीमार होने के बाद मौत की बात कही है। उधर, सीवीओ डॉ. जेएन पांडेय ने कहा कि तीन मवेशियों का पोस्टमार्टम कराया गया है और इन्हें दफन भी करा दिया गया है। मवेशी उम्रदराज थे और बारिश में बीमार होने के चलते उनकी मौत हुई है।