यूपी के फतेहपुर जिले में गंगा में नहाते समय तीन बच्चों की डूबकर मौत हो गई। इस हादसे में एक लड़के को नाविकों ने बचा लिया। मौत के मुंह से निकले अंबेश ने जो सच बताया उसे सुनकर आसपास मौजूद लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के भादर गांव निवासी हरदेव चौहान का बेटा सोनू (15), राम सजीवन का बेटा अंकज (14) और अंबेश(15) पुत्र हरिशंकर साइकिल से मंडवा घाट पहुंचे थे। सोमवती अमावस्या का स्नान करने वालों की भीड़ थी।
इन्हीं में रतन सेनपुर निवासी बलदेव पासवान का बेटा अजय(10) भी परिजनों के साथ स्नान करने गया था। करीब 9 बजे बच्चों के नदी में डूबने की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस के पहुंचने से पहले नाविकों ने अंबेश को बाहर निकाल लिया था। उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
काफी देर तलाश के बाद जाल डालने पर सोनू, पंकज व अजय के शव निकाले जा सके। बच्चों के शव देख परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने जैसे-तैसे समझा कर बच्चों के पंचनामा भरा। एक ही गांव के दो बालकों की मौत से मातम छा गया है।
सोनू व पंकज रिश्ते में चाचा भतीजे हैं। अंबेश ने बताया कि हम सभी अचानक भंवर में फंस गए थे। कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि करें तो क्या करें। अंबेश के चेहरे पर मौत का खौफ साफ दिख रहा था।