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मासूम से दुष्कर्म में तीन को तीस-तीस साल कैद, मरणासन्न अवस्था में बच्ची को छोड़ गए थे दरिंदे

Fri, 17 Jan 2020 08:24 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social media
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जालौन में घर में सो रही मासूम को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले तीन दरिंदों को अपर जिला जज पॉक्सो एक्ट गुलाम मुस्तफा ने तीस-तीस साल की सजा और 46-46 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। मामला ढाई साल पूर्व कुठौंद थाना क्षेत्र का है। 
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शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह राजपूत ने बताया कि कुठौंद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 मई 2017 की रात उसकी छह वर्षीय बेटी घर में सो रही थी, तभी उससे रंजिश मानने वाला गांव का दिनेश पुत्र संतोष, उसका चालक वीरेंद्र पुत्र छोटेलाल निवासी देवरी थाना जालौन व सुशील पुत्र कैलाश घर में सोते समय उठाकर सुनसान में ले गए और उसके साथ दरिंदगी की।
 
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तीनों बच्ची को मरा समझकर सुनसान में छोड़कर भाग निकले। अगले दिन मासूम किसी तरह घर पहुंची और परिजनों के सामने तीनों की हैवानियत बताई। बच्ची के मुताबिक, तीनों ने गला दबाकर उसे जान से मारने का प्रयास किया था। बच्ची की हालत और उसकी जुबानी सुनकर परिजनों के होश उड़ गए।

आनन फानन में परिजन बच्ची को लेकर कुठौंद थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी बात बताई। इस पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर बच्ची को मेडिकल के लिए भेजा और धरपकड़ के लिए दबिश शुरू कर दी। कुछ दिन बीतने के बाद ही पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया और बच्ची को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में जेल भेज दिया था।

तब से तीनों जेल में ही थे। मामले की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता ब्रजराज सिंह राजपूत ने बताया कि अपर जिला जज पॉक्सो एक्ट गुलाम मुस्तफा ने मासूम के साथ हुई दरिंदगी के आरोप को सही पाया। उन्होंने तीनों को तीस-तीस साल की सजा और 46-46 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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