कानपुर। सराफा व्यापारी अब हिजाब, बुरका, हेलमेट या मास्क पहने ग्राहकों को पहचान पत्र दिखाए बिना जेवर नहीं दिखाए जाएंगे। यह फैसला रविवार को शहर के शास्त्रीनगर स्थित केएस पैलेस गेस्ट हाउस में आयोजित सराफा कारोबारियों और सोनार समाज से जुड़े ज्वैलर्स की एक बैठक में लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता पुष्पेंद्र जायसवाल ने की। इसमें वाराणसी से आए अविनाश सेठ, राहुल सेठ, विकास सेठ, कैलाश सेठ, अमरनाथ सेठ सहित उनकी टीम ने ज्वैलर्स की सुरक्षा के लिए नई कार्यप्रणाली पर विस्तृत जानकारी दी। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि कोई ग्राहक हिजाब, बुरका, हेलमेट अथवा मास्क पहनकर दुकान पर आता है तो उसे बिना वैध आईडी प्रूफ दिखाए सोने-चांदी के जेवर नहीं दिखाए जाएंगे।
पुष्पेंद्र जायसवाल ने बताया कि वर्तमान में सोने-चांदी की कीमतों में हो रही भारी बढ़ोतरी के कारण देशभर में चोरी, टप्पेबाजी, लूट और छिनैती जैसी आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हुई है। इन घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाना आवश्यक हो गया है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि व्यापारियों के हित और सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एक विश्वसनीय और पारदर्शी संगठनात्मक व्यवस्था विकसित की जाएगी। इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से पूरे उत्तर प्रदेश में लागू करने की योजना है। इस बैठक में वेद गुप्ता, अमित मिश्रा, राजन वर्मा, अजय वर्मा, मनोज वर्मा, शैलेंद्र वर्मा, विजय वर्मा, कालीचरण वर्मा सहित अन्य कई प्रमुख सराफा व्यापारी मौजूद रहे,