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फर्जी चेक से होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए बैंक अपनाएंगें ये 'स्मार्ट तरीका' 

Tue, 10 Jul 2018 09:46 AM IST
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर

सार

- आधार और यूनिक नंबर वाले चेक से रुकेगा फ्रॉड
- फर्जी चेक से होने वाले भुगतान को रोकने के लिए बैंकों ने शुरू किए प्रयास
- बैंक ऑफ इंडिया लाया आधार नंबर वाले चेक, यूनियन बैंक दे रहा यूनिक नंबर वाले चेक
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डेमाे पिक
फर्जी चेक से होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए बैंक अब नए फीचर वाले चेक लाने की तैयारी में हैं। बैंक ऑफ इंडिया ने दो महीने पहले से ही आधार नंबर वाले चेक जारी करने शुरू कर दिए हैं। यूनियन बैंक भी पिछले तीन महीने से यूनिक नंबर वाले चेक अपने खाताधारकों को दे रहा है। दूसरे बैंक भी जल्द ही नए सिक्योरिटी फीचर वाले चेक लाने की तैयारी में हैं।
 
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फर्जी चेक से हो रहे भुगतान से बैंकें भी परेशान हैं। हालांकि बैंक की बदनामी और पुलिस के झंझट से बचने के लिए बैंक प्रबंधन फ्रॉड की जानकारी सार्वजनिक न कर पीड़ित को अपने पास से रकम लौटा देते हैं। इन सबसे बचने के लिए ही अब नए सिक्योरिटी फीचर वाले चेक लाए जा रहे हैं। बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैंक ऑफ इंडिया अब आधार नंबर प्रिंटिंग वाली चेक लाया है। इसमें संबंधित खाताधारक का आधार नंबर भी प्रिंट है। वहीं यूनियन बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि बैंक खाताधारकों को अब ऐसे चेक दिए जा रहे हैं, जिसमें पांच डिजिट का नंबर अलग से प्रिंट किया जा रहा है। यह एक प्रकार का यूनिक नंबर है। 

आगे की स्लाइड में पढ़ें- आधार नंबर से ऐसे रुकेगा फर्जी भुगतान...
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आधार नंबर से ऐसे रुकेगा फर्जी भुगतान

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चेक पर खाताधारक का आधार नंबर होगा। खाताधारक यदि खुद चेक कैश कराने जाता है तो बैंक वाले अपने सॉफ्टवेयर में जैसे ही आधार नंबर डालेंगे तो उसकी तस्वीर समेत सारी डिटेल सामने आ जाएगी। इसके अलावा खाताधारक यदि किसी दूसरे के नाम पर चेक काटकर देता है तो ऐसी स्थिति में चेक कैश कराने गए व्यक्ति का आधार नंबर डालकर सॉफ्टवेयर में चेक किया जाएगा कि जिस व्यक्ति के नाम चेक काटा गया है यह वही है। अभी तक जो फ्रॉड सामने आए हैं, उनमें थर्ड पार्टी के ही मामले ज्यादा हैं। मतलब चेक किसी तीसरे शख्स ने लगाई और भुगतान करा ले गया। इस नए सिस्टम से इस पर अंकुश लगेगा। 

 

यूनिक नंबर ऐसे होगा फायदेमंद

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बैंक अधिकारियों के मुताबिक यदि किसी धोखेबाज को चेक की पूरी सीरीज मिल भी जाती है लेकिन वह बैंक की ओर से चेक पर दिए गए यूनिक नंबर को नहीं हासिल कर सकता। ये यूनिक नंबर एक चेक बुक खत्म होनेे के बाद दूसरी में बदल दिए जाएंगे। ऐसे में फर्जी चेक लेकर भुगतान कराने पहुंचने वाला पकड़ में आ जाएगा। 

 
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इसलिए करनी पड़ी व्यवस्था

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आरबीआई सूत्रों ने बताया कि शहर में 15 जून से लेकर अब तक करीब 13 चेक फ्रॉड के मामले सामने आ चुके हैं। इसमें एसबीआई की हंसपुरम शाखा में 25 हजार, मेडिकल कॉलेज शाखा में 49 हजार, रतन लाल नगर शाखा में 48 हजार, विनोवा नगर शाखा में 30 हजार, पीरोड शाखा में 40 हजार, गोपाल नगर स्थित शाखा में 50 हजार, मोतीझील और शारदा नगर शाखा में 48-48 हजार, पांडु नगर स्थित शाखा में 45 हजार, आवास-विकास परिषद एक नंबर शाखा से 46 हजार रुपये फर्जी चेक से निकाले गए हैं।


फर्जी चेक से भुगतान से बचने के लिए बैंकों ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। शहर की कई प्रमुख बैंक नए सिक्योरिटी फीचर वाली चेक बुक जारी कर रही हैं। यदि थर्ड पार्टी पेमेंट में संबंधित व्यक्ति की पहचान को अनिवार्य कर दिया जाए तो फ्रॉड पूरी तरह से रोका जा सकता है।
- राजेंद्र अवस्थी, सचिव नेशनल कंफेडरेशन ऑफ बैंक इंप्लाइज
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