-चुन्नीगंज स्थित बीएनएसडी इंटर कॉलेज में परीक्षा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
-होमगार्ड भर्ती में फर्जी कक्ष निरीक्षक पकड़े गए, अब लेखपाल परीक्षा में ब्लूटूथ से नकल का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
कानपुर। चुन्नीगंज स्थित बीएनएसडी इंटर कॉलेज में एक माह के भीतर आयोजित तीसरी बड़ी परीक्षा भी विवादों में आ गई। इससे पहले होमगार्ड भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की कोशिश का मामला सामने आया था जबकि गुरुवार को आयोजित लेखपाल परीक्षा में ब्लूटूथ डिवाइस के जरिये नकल करते एक अभ्यर्थी को पकड़ा गया। लगातार सामने आ रहे मामलों से परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
26 अप्रैल को बीएनएसडी इंटर कॉलेज में आयोजित होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान पेपर लीक करने की कोशिश पकड़ी गई थी। आरोप था कि कॉलेज के रसायन प्रवक्ता अखिलेश यादव की मिलीभगत से संदीप चंद्र विश्वकर्मा और निर्मल कुमार फर्जी कक्ष निरीक्षक बनकर ड्यूटी करने पहुंचे थे। जांच के दौरान निर्मल द्वारा दिया गया प्रश्नपत्र दूसरे कमरे में ले जाते समय संदीप को पकड़ा गया था। बताया गया कि कमरे में रखे पॉकेट प्रिंटर से प्रश्नपत्र की कॉपी तैयार की जानी थी। शक होने पर कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया। मामले में सह केंद्र व्यवस्थापक ललित बाजपेई ने अखिलेश यादव समेत तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसके बाद तीन मई को इसी कॉलेज में नीट परीक्षा भी आयोजित हुई थी। हालांकि उस दौरान किसी तरह की नकल या सेंधमारी का मामला सामने नहीं आया। वहीं गुरुवार को आयोजित लेखपाल परीक्षा में ए-ब्लॉक में परीक्षा दे रहे प्रयागराज के गंगागंज अकबरपुर निवासी सागर पटेल को पकड़ा गया। उसकी हरकतों से कक्ष निरीक्षकों को शक हुआ था, इसके बाद संदेह होने पर उसे पकड़ा गया। केंद्र व्यवस्थापक हेमंत कुमार के अनुसार आरोपी कान में ब्लूटूथ डिवाइस लगाकर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के जरिए बाहर बैठे लोगों से संपर्क में था। तलाशी में मोबाइल फोन अंडरवियर में छिपाकर रखा मिला। सूचना पर पहुंची कर्नलगंज पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया।
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की जाएगी सख्ती
परीक्षा की तैयारियों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। आखिर कैसे केंद्र तक फर्जी कक्ष निरीक्षक पहुंच जाते हैं और कैसे अभ्यर्थी मोबाइल और ब्लूट्रूथ लेकर कक्ष तक पहुंच रहे हैं। ऐसे में नकल विहीन परीक्षा कराने में कहां पर चूक हो रही है। इसकी जांच कराई जाएगी। -
डॉ विपिन ताडा, अपर पुलिस आयुक्त, कानून व्यवस्था