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मंदिर से राम-लक्ष्मण और सीता की मूर्तियां गायब, भक्त दर्शन करने पहुंचे तो दिखा यह दृश्य

Sat, 01 Jun 2019 06:09 PM IST
प्रशांत कुमार क्राइम डेस्क, अमर उजाला, जालौन
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पुजारी संतदास - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के जालौन जिले में मंदिर के पुजारी को दूध में नशीला पदार्थ पिलाकर चोरों ने राम, लक्ष्मण और सीता की बेशकीमती मूर्तियां पार कर दीं। सुबह जब गांव के लोग मंदिर में दर्शन करने पहुंचे तो मूर्तियां गायब थीं। मंदिर परिसर में बने एक कमरे में पुजारी बेहोश पड़ा था।
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सूचना पाकर सीओ संजय शर्मा फोर्स के साथ राम जानकी मंदिर पहुंचे। होश में आने पर पुजारी ने बताया कि उन्हें रात में उनके ही शिष्य ने दूध पिलाया था। इसके बाद से उन्हें कुछ याद नहीं है। सीओ ने बताया कि फिलहाल पुजारी की तहरीर पर फरार शिष्य के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है।  

कदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम मरगांया में गांव के किनारे लगभग 75 वर्ष पुराना राम जानकी मंदिर है। मंदिर की देखरेख संत दास पुत्र बजरंग दास निवासी नकनी पुरवा गांव, मूसानगर कर रहे हैं। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार सुबह जब वे मंदिर पहुंचे तो भगवान की तीनों मूर्तियां गायब थीं।
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मंदिर से अष्टधातु की मूर्तियां गायब मचा हड़कंप

पुजारी संतदास भी अपने कमरे में बेहोश पड़े थे। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने पुजारी को सीएचसी में भर्ती कराया। होश आने पर उसने बताया कि एक महीने पहले उन्होंने गायों की देखभाल व अन्य कार्य के लिए राम सिंह निवासी प्रयागराज को रखा था। गुरुवार रात 10 बजे के आसपास रामसिंह ने उसे पीने के लिए दूध दिया। इसके बाद वह अचेत हो गया।

शुक्रवार सुबह ग्रामीण मंदिर पर आए तो अष्टधातु की मूर्तियों को गायब देख हड़कंप मच गया। घटना के बाद से राम सिंह भी गायब है। पुजारी के मुताबिक मूर्तियां चोरी होने में रामसिंह का ही हाथ है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि मूर्तियां अष्टधातु की हैं, जिनकी कीमत करोड़ों में हो सकती है।

इस संबंध में सीओ संजय शर्मा का कहना है कि फिलहाल पुजारी की तहरीर पर रामसिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मूर्ति चोरों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें भी बनाई जाएंगी। रही बात मूर्तियों की कीमत की तो यह तो अब उनके बरामद होने पर ही पता चल सकेगा।

पुजारी का भी है कमेटी से विवाद 

ग्रामीणों की मानें तो मंदिर की कमेटी व पुजारी संतदास के बीच भी विवाद चल रहा है। कमेटी ने अपनी ओर से उदय बाबा को पुजारी नियुक्त कर रखा है जबकि संतदास स्वयं को मंदिर का कर्ता-धर्ता मानते हैं।

इसी को लेकर उदय और संतदास के बीच कोर्ट में मामला भी चल रहा है। उदय फिलहाल मंदिर के बजाय अपने गांव में रहते हैं। वर्तमान पुजारी संतदास पर कुछ समय पूर्व गांव की महिलाएं भी आरोप प्रत्यारोप लगा चुकी हैं। सीओ का कहना है कि सभी बिंदुओं पर जांच पड़ताल की जाएगी।
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चोरी में तीन चार लोगाें के शामिल होने की आशंका

पुलिस सूत्रों की मानें तो भले ही पुजारी संतदास ने सिर्फ रामसिंह के खिलाफ ही तहरीर दी हो लेकिन पुलिस का मानना है कि चोरी में तीन से चार लोग शामिल हो सकते हैं। लिहाजा पुलिस ने कुछ संदिग्धों को उठाकर पूछताछ शुरू की है।

पुलिस ने पुजारी की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया लेकिन मेडिकल रिपोर्ट में क्या आया इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। फोरेंसिक भी नही बुलाई गई। शाम तक पुजारी थाने में जरूर बैठे नजर आए। 

करीब साल भर पहले जालौन के अमखेड़ा गांव से भी बेशकीमती मूर्तियां चोरी हुई थीं। बाद में पुलिस ने उन्हें चोरों के साथ बरामद भी कर लिया था। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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