कानपुर। सेना को मजबूत करने में जुटे आईआईटी कानपुर के प्रयासों को जांचने के लिए गुरुवार को सेंट्रल कमांड के कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने संस्थान का भ्रमण किया।
उन्होंने में ड्रोन, एआई, रोबोटिक्स व साइबर सुरक्षा को लेकर चल रहे शोध, विकसित हो रहे उपकरण व उत्पादों का जायजा लिया। लेफ्टिनेंट जनरल ने कहा कि आईआईटी के सहयोग से स्वदेशी तकनीक को मजबूत करने की अपार संभावनाएं हैं।
भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालात के बाद सुरक्षा में आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जा रहा है। सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वाईएसएम लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता गुरुवार को अपनी टीम के साथ आईआईटी पहुंचे।
निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल के साथ पूरे संस्थान का भ्रमण कर शोध कार्यों को देखा। वहीं, प्रो. वैभव श्रीवास्तव, प्रो. जे रामकुमार, प्रो. अनंत रामकृष्ण व प्रो. अभिषेक की ओर से विकसित किए जा रहे रक्षा अनुप्रयोगों वाले मेटा मटेरियल्स को देखा।
टेराक्वा यूएवी, एथ्रोन एयरोस्पेस व नाइट्रो डायनेमिक्स के स्वदेशी ड्रोन की जानकारी ली। निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने सी3आई हब, प्रो. नितिन सक्सेना ने सेंटर फॉर डेवलपिंग इंटेलीजेंट सिस्टम्स, प्रो. अभिषेक ने हेलीकॉप्टर व वीटीओएल लैब और प्रो. सुब्रमण्यम सडरेला ने यूएवी लैब के बारे में जानकारी दी।
इस मौके पर आईआईटी में भारतीय सेना प्रकोष्ठ के नोडल फैकल्टी इंचार्ज प्रो. कांतेश बलानी, डीआरडीओ के डीआईए सीओई संजय टंडन, डीन रिसर्च प्रो. तरुण गुप्ता भी मौजूद रहे।