लद्दाख में हुए सड़क हादसे में शहर का एक जवान शहीद और दूसरा घायल भी हुआ है। घायल के दोनों पैर काटने पड़े हैं। वह भी नौबस्ता का रहने वाला है। उसके बारे में और जानकारी अभी नहीं मिल पाई है। उधर शहीद अनमोल प्रताप सिंह का पार्थिव शरीर खराब मौसम और बर्फबारी के चलते रविवार को शहर नहीं आ सका।
शहीद के साथी जवानों ने फोन पर हुई बातचीत में बताया कि सोमवार रात तक शहीद का पार्थिव शरीर घर पहुंचने की उम्मीद है। इधर परिवार के सदस्यों को सांत्वना देने के लिए देर रात तक राजनेताओं सहित अन्य लोगों का तांता लगा रहा।
नौबस्ता खाड़ेपुर योगेन्द्र विहार के रहने वाले शहीद नायाब सूबेदार अनमोल प्रताप सिंह (28) चीन से सटी सीमा लद्दाख पर तैनात थे। बीते शुक्रवार को सैन्य कर्मियों का एक दल तीन वाहनों से अपने कैंप लौट रहा था तभी रास्ते में छांगला दर्रे पर हिमस्खलन होने से तीन सैनिक वाहन गहरी खाई में गिर गए।
इससे अनमोल सहित पांच सैनिक शहीद हो गए। हिमस्खलन में सैकड़ों फिट गहरी खाई में गिरे नौबस्ता के एक अन्य सैनिक की जिंदगी तो बच गई लेकिन उसके दोनों पैर काटने पड़े हैं। शहीद अनमोल के पड़ोस में रहने वाले नायाब सूबेदार चंद्रभान सिंह ने बताया कि दूसरी बटालियन का होने के चलते अभी उसकी पूरी जानकारी नहीं मिल पाई है।
हालत गंभीर होने पर अभी किसी अन्य सैनिकों से मिलने नहीं दिया गया है। उधर लद्दाख में मौसम खराब होने के चलते रविवार को भी शहीदों के शव रवाना नहीं हो सके हैं।
अनमोल के साथी चंद्रभान सिंह ने फोन पर बताया कि मौसम साफ रहा तो सोमवार दोपहर नायब सूबेदार रोहतास सिंह शहीद का पार्थिव शरीर लेकर दिल्ली एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे, वहां से लखनऊ एयरपोर्ट फिर सैनिकों का एक दल शहीद का शव लेकर योगेन्द्र विहार पहुंचेगा। अनमोल का छोटा भाई अतुल भी घर आ गया है। वह भी फौजी है।