एकलव्य को पाठ्यक्रम में लाने पर जोर होगा। साथ ही गंगा बैराज पर निषाद पार्क विकसित करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। ये बातें रविवार को पूर्व मंत्री और सांसद विशंभर प्रसाद ने कहीं। वे निषादराज गुह्य एवं महर्षि कश्यप जयंती पर गंगा बैराज में हुई सभा को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
इससे पहले बिठूर से भगवान शिव, निषादराज गुह्य, महर्षि कश्यप, महर्षि वेदव्यास और वीर एकलव्य की शोभायात्रा निकाली गई। मुख्य अतिथि ने निषादराज गुहृ जयंती पर अवकाश घोषित किए जाने पर सपा सरकार की सराहना भी की।
शोभायात्रा को बिठूर के 40 फिट वाले हनुमान मंदिर से शुरू हुई और विभिन्न मार्गों से होती हुईं गंगा बैराज पहुंची। यहां भगवान राम, निषादराज गुह्य, महर्षि कश्यप, महर्षि वेदव्यास, वीर एकलव्य के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ मंच संचालन शुरू हुआ। अध्यक्षता पन्नालाल कश्यप और संचालन रमेश वर्मा एकलव्य ने किया।
जीबी मेमोरियल स्कूल लक्ष्मणपुरवा के बच्चों ने गजानन पूजन का नृत्य प्रस्तुत किया। पूर्व डिप्टी मेयर अंजला वर्मा ने मंच से प्रस्ताव रखा कि एकलव्य को पाठ्यपुस्तक से विलुप्त कर दिया गया है। ऐसा नहीं होना चाहिए। विशिष्ट अतिथि एमएलसी नरेश उत्तम के न आने पर उनके प्रतिनिधि आरके सिंह यादव ने एमएलसी के विचार पढ़कर सुनाए।
क्षेत्रीय विधायक मुनींद्र शुक्ला और सपा विधायक सतीश निगम ने भी विचार व्यक्त किए। साक्षी महाराज के प्रतिनिधि सोबरन निषाद का भाषण राजनीति प्रेरित होने का आरोप लगाकर मंच पर बैठे कुछ लोगों ने ही ऐतराज जताया। पूर्व सांसद की पत्नी मनीषा दीपक ने समाज में बेटे को युवा नेतृत्व के रूप में प्रमोट किया।
छात्रनेता दीपू सागर ने मुख्य अतिथि को चांदी का मुकुट पहनाया। रमेश वर्मा ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मुख्य अतिथि को सौंपा। इसमें प्रमुख मांग पिछली सरकार में श्रेणी तीन के निरस्त पट्टों को बहाल करना, मछुवा समुदाय को आरक्षण देना है।
महावीर प्रसाद निषाद, प्यारेलाल निषाद, राष्ट्रीय निषाद संघ के महासचिव त्रिपुरारी लाल कश्यप, रामनारायण निषाद, केपी सिंह कश्यप, योगेश वर्मा, मनोज निषाद, सुनील मांझी, डॉ. अभिनव कुमार निषाद, श्रवण कुमार, छात्रनेता दीपू सागर मौजूद रहे।