शव जमीन पर पड़ा था, रेंग रहे थे कीड़े
इस पर बीना ने घर के अंदर मौजूद कौशल की बहन रानी से दरवाजा खुलवाया। उसने अंदर जाकर देखा, तो होश उड़ गए। कौशल का शव कमरे की जमीन पर पड़ा था, जिसमें कीड़े रेंग रहे थे और भीषण गंध आ रही थी। मानसिक विक्षिप्त बहन रानी से पूछा तो उसने भाई के सोने की बात कही।
मृतक का सांस की बीमारी थी
मामले की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद पड़ोसियों ने सीसामऊ निवासी मृतक की बहन किरन और उन्नाव के छोटे चौराहा निवासी नीरज अवस्थी को भी जानकारी दी। पुलिस ने सभी की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कोतवाली प्रभारी अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि मृतक को सांस की बीमारी थी।
उसका इलाज जिला अस्पताल में तीन दिन हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बीमारी से मौत होने की बात आई है। कई अंग सड़े थे, जिनका पोस्टमार्टम संभव नहीं था। फेफड़ों की जांच की गई, तो दम घुटने की बात सामने आई। चचेरे भाई रिंकू ने बताया कि बीमारी के कारण चार माह से कौशल कुछ नहीं करता था।
दो साल पहले मकान का आधा हिस्सा उसने करीब साढ़े चार लाख में बेचा था, जो कि तीन में से किसी एक बहन को उसने दिए थे और वही रूपये लेकर अपना गुजर बसर कर रहा था। वहीं पड़ोसियों की मानी जाए, तो सिरकी मोहाल निवासी एक बहन को रूपये दिए जाने की बात कही गई।
भाई की मौत के बाद बेसहारा हुई बहन
भाई कौशल की मौत के बाद मानसिक विक्षिप्त बहन रानी बेसहारा हो गई है, क्योंकि कौशल ही अपनी बहन की देखरेख करता था। अब उसकी मौत के बाद रानी की देखभाल कौन करेगा। इसको लेकर आस पास पड़ोस के लोगों में चर्चा की विषय बना रहा।
फफक कर रोते हुए बोली भैया सो रहा है
मंगलवार को घर के कमरे में अकेले बैठी रानी से जब पूछा गया कि उसका भाई कहा है, तो फफक कर रो पड़ी और बोली भैया सो रहा था। कुछ लोग उठा कर ले गए। बोले थे कुछ देर बाद छोड़ जाएंगे, लेकिन अब तक नहीं लाए जिसके बाद गुमसुम हो गई।
प्रापर्टी पर लोगों की नजर हुई टेढ़ी
मृतक कौशल जिस मकान में रहता था वह उसी के नाम है। उसके जाने के बाद मानसिक विक्षिप्त बहन ही बची है, जो उसके पास रहती है। मकान का कोई मजबूत दावेदार न दिखता देख कई लोगों की निगाह अब प्रॉपर्टी पर लग गई है, जिसको लेकर सुबह मोहल्ले की ही दो महिलाओं के बीच मकान की देखरेख करने को लेकर कहा सुनी हो गई।
पड़ोसियों ने दिया खाना
मृतक के मकान के पड़ोस में रहने वाले पड़ोसियों ने मंगलवार रात रानी को खाना दिया। गुमसुम रानी बार-बार पड़ोंसियों से भाई के कब आने की बात पूछती रही। इस पर लोग उसे ढाढस बंधाते रहे।