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Kanpur News: अनुदेशकों को 17 हजार मानदेय व एरियर मिलने का रास्ता साफ

Tue, 10 Feb 2026 12:07 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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तालग्राम। परिषदीय पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षण कार्य कराने वाले अनुदेशकों में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खुशी का माहौल है। कोर्ट ने 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने और वर्ष 2017 से बकाया एरियर भुगतान का आदेश दिया है। अनुदेशक संघ ने फैसले का स्वागत किया है।
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अनुदेशक संघ जिलाध्यक्ष विपिन देव ने बताया कि वर्ष 2013 में परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए सरकार ने अनुदेशकों की भर्ती की थी। शुरुआत में उन्हें सात हजार रुपये मानदेय दिया जाता था। वर्ष 2017 में इसमें 1470 रुपये की वृद्धि की गई और 2019 तक 8470 रुपये मानदेय दिया गया। बाद में विभाग ने इस वृद्धि को अनुचित बताते हुए 1470 रुपये की रिकवरी कराई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर नौ हजार रुपये किया गया जबकि नियमानुसार वर्ष 2017 से ही 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाना था।
कम मानदेय के चलते अनुदेशकों के परिवार लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने अनुदेशकों के पक्ष में फैसला देते हुए स्पष्ट किया है कि सभी अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा तथा वर्ष 2017 से बकाया धनराशि का भुगतान एरियर के रूप में किया जाएगा। वर्तमान में करीब 200 अनुदेशक कार्यरत हैं, जो शिक्षकों के समान शैक्षणिक कार्य कर रहे हैं। इस फैसले पर अनुदेशक संघ के महासचिव प्रशांत कुमार, जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र राणा, जिला संगठन मंत्री अवनीश कुमार, महिला जिला संगठन मंत्री चंदन कटियार, जिला सचिव अनुभव यादव सहित अन्य अनुदेशकों ने खुशी जताते हुए न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया है।
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तीन अनुदेशकों का नहीं हो रहा नवीनीकरण

जिलाध्यक्ष विपिन देव ने बताया कि ब्लॉक उमर्दा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिहुआपुर के अनुदेशक अजीत यादव, तिर्वा के सुमित कुमार और छिबरामऊ करमुल्लापुर की वंदना का नवीनीकरण नहीं किया जा रहा है। अनुदेशक चयन समिति के अध्यक्ष डीएम भी बीएसए को आदेशित कर चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट ने नवीनीकरण को लेकर भी टिप्पणी की है इसके बावजूद तीन अनुदेशक परेशान हैं।
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