चकरनगर। कोटा बैराज बांध के रविवार को पांच और सोमवार को तीन अतिरिक्त गेट खोल दिए गए। इन गेटों से कुल दो लाख चार हजार 582 क्यूसेक पानी चंबल नदी में छोड़ा गया है। सोमवार रात को यह पानी जिले की सीमा में पहुंचना शुरू हो गया। जहां सोमवार शाम चंबल का जलस्तर 108.91 मीटर था। वहीं, मंगलवार शाम जलस्तर बढ़कर 113.88 मीटर पर पहुंच गया। चंबल में एक बार फिर से पानी बढ़ने से प्रशासन सतर्क है। मंगलवार शाम एसडीएम ब्रह्मानंद कठेरिया ने चंबल पुल पर पहुंचकर बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया।
कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद चंबल में रात को धीरे-धीरे पानी का बढ़ना शुरू हुआ। सोमवार रात एक बजे चंबल का जलस्तर लगभग डेढ़ मीटर बढ़कर 109.35 मीटर पर पहुंच गया। वहीं मंगलवार को सुबह तेजी से पानी का बढ़ना शुरू हुआ और दस बजे जल स्तर बढ़कर 111.02 मीटर पहुंच गया। चंबल में पानी बढ़ने की रफ्तार 38 सेंटीमीटर प्रति घंटे चल रही है। मंगलवार शाम चार बजे तक चंबल नदी के जलस्तर में और इजाफा हुआ जलस्तर तेजी पकड़ते हुए 113.88 मीटर तक पहुंच गया।
इस प्रकार से बीते 16 घंटों में चंबल का जलस्तर 4.53 मीटर तक बढ़ चुका है। यदि यही रफ्तार बनी रही, तो अगले 24 घंटों में जल स्तर चेतावनी निशान 119.80 मीटर के करीब पहुंच सकता है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। एसडीएम ब्रह्मानंद कठेरिया ने बताया कि सभी 24 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को सतर्क किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल खतरे की कोई स्थिति नहीं है। स्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।