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बारिश से गिरी दीवार, दबकर वृद्धा की मौत

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सरवनखेड़ा (कानपुर देहात)। जिले में कई दिनों से हो रही बारिश से कच्चे घरों के गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं। बारिश से गुरुवार को जिले में करीब 14 घर गिर गए। भदेसा गांव में दीवार गिरने से एक ही परिवार के छह लोग मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला। इस बीच एक वृद्धा की मौत हो गई जबकि अन्य पांच घायल हो गए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। तहसीलदार ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा दिया।
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भदेसा गांव के शिवकुमार के घर की दीवार बारिश के चलते गुरुवार सुबह करीब सात बजे ढह गई। इससे मलबे में दबकर उसकी मां पार्वती (74) की मौत हो गई। वहीं शिवकुमार (38), उसकी पत्नी मीना (35) व बेटा लवकुश (4) आकाश (2) व छोटू (डेढ़ माह) घायल हो गए। शिवकुमार ने बताया कि एक दीवार पर टीनशेड कराकर छाया की थी।
बारिश में पूरा परिवार उसी के नीचे सो रहा था। वृद्धा की मौत की सूचना पर तहसीलदार संजय कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि अतिवृष्टि से दीवार गिरी है। इससे पीड़ित परिवार के मुखिया को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसकी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इंस्पेक्टर गंगा सिंह यादव ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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गरीब होने के बावजूद नहीं मिला आवास
भदेसा गांव में शिवकुमार की मां की मौत के बाद एक बार फिर सरकारी योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचने में सवाल खड़े हुए। शिवकुमार के पास केवल दस विस्वा जमीन है। वह मजदूरी करके मां समेत छह लोगों के परिवार का भरण पोषण कर रहा था। घर भी कच्चा था। हर बारिश के पहले मां पार्वती घर के गिरने की आशंका से चिंतित हो जाती।
आखिर में उसकी आशंका सही साबित हुई और घर गिरने से उसकी जान चली गई। मां की बात को याद कर शिवकुमार बुरी तरह से बिलखता रहा। उसने कहा कि अगर उसकी माली हालत ठीक होती तो मां की दर्दनाक मौत न होती। उसने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उसे नहीं मिला।
वह कई बार ब्लॉक से लेकर विकास भवन तक चक्कर काटकर थक गया। गांव के पंचायत सचिव व प्रधान पर भी उसने अनदेखी करने का आरोप लगाया। ग्राम पंचायत अधिकारी अवधेश पटेल ने बताया कि शिवकुमार का एक कमरा पक्का बना है। इससे वह पात्रता सूची में नहीं आ सकता है।
बारिश से गिरे 14 घर, मलबे में दबा सामान
रसूलाबाद/बरौर/मूसानगर। लगातार रिमझिम से घर गिरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुधवार की रात से जिले में अलग अलग जगहों पर करीब 14 घर गिर गए। इससे घरों में रखा सामान मलबे में दब गया। रसूलाबाद में बुधवार रात माल का पुरवा में संतोष का घर गिर गया। इससे गृहस्थी का सामन मलबे में दबकर खराब हो गया।
इसी ग्राम सभा के मजरा दांती में रवींद्र का घर, सिंहुआभीर में दिव्यांग शशिप्रभा का, किशुनपुर गांव में रामपाल व मुकेश के घर गिर गए। सिठउपुरवा में जरीनाबेगम, सीताराम व मुकेश के घर गिर गए। पीड़ितों ने तहसील में सूचना दी। एसडीएम अंजू वर्मा ने सभी लेखपालों को क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं बरौर थाना क्षेत्र के मुरलीपुर गांव के सतीश कुमार व कवि बाबू के घर का एक हिस्सा तेज बारिश होने के कारण गिर गया। इससे कमरे में रखा सामान मलबे में दब गया। वहीं मजरा जलालपुर के अरुण कुमार के मकान की छत का पुराना लेंटर गिर गया। जिससे सारा सामान मलबे में दब गया। अजीत कुमार के घर का एक हिस्सा पानी की कटान में गिर गया।
प्रधान धर्मेंद्र सचान ने बताया कि लेखपाल को सूचना दी गई है। वहीं गुरुगांव के प्रधान रामकिशोर ने बताया कि मजरा प्रहलादपुर गांव में दीवार गिर जाने से दबकर एक भैंस व पड़िया की मौत हो गई है। उधर मूसानगर में गुलौली सराय के धनीराम के घर के दो कमरे बारिश में गिर गए। गांव के लाखन संखवार के घर का एक हिस्सा भी बारिश से गिर गया है। प्रधान कमलेश देवी चौहान ने बताया कि सूचना लेखपाल को दी गई है। (संवाद)
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