कानपुर। सत्ताधारी दल के जिला कार्यालय में शनिवार को वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में महामंत्री ने उपाध्यक्ष का कॉलर पकड़ कर पीट दिया। पीड़ित उपाध्यक्ष ने आपबीती भी सुनाई। इस संबंध में महामंत्री से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मारपीट जैसी कोई घटना नहीं हुई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि अभी उपाध्यक्ष आपको फोन कर बताएंगे कि कुछ नहीं हुआ है। उसके बाद उपाध्यक्ष ने दोबारा फोन कर कहा कि अध्यक्ष जी कह रहे हैं तो समझ लीजिए कि हमारे साथ कुछ नहीं हुआ। मामला रफा-दफा तो हो गया लेकिन सत्ताधारी दल के नेताओं के बीच यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बना है।
मामला रफा-दफा होने से पहले पीड़ित उपाध्यक्ष ने बताया कि पार्टी के प्रति निष्ठा भाव के साथ काम करने के कारण नेतृत्व ने संगठन में उनका कद बढ़ाया। जिला इकाई के महामंत्री अलग ही गुरूर में रहते हैं। कार्यालय में महामंत्री ने उनसे कहा कि ज्यादा लोड मत लिया करो। इस पर उन्होंने कहा कि हमारा लोड वैसे भी अध्यक्ष जी ने कम कर रखा है, लेकिन वह काम देंगे तो पूरा लोड लेकर ही करेंगे। यह सुनते ही महामंत्री ने उनके कंधे पर हाथ रखा और इसके बाद कॉलर पकड़कर उन्हें कई तमाचे जड़ दिए। उपाध्यक्ष ने कहा कि कार्यालय में उनके साथ हुई मारपीट की जानकारी उन्होंने जिलाध्यक्ष को दी तो उन्होंने कहा कि देखते हैं। इसके बाद महामंत्री के वाहन में ही बैठकर जिलाध्यक्ष निकल गए।