कानपुर। वाराणसी जीएसटी विभाग के अफसरों की लापरवाही से कानपुर के कारोबारी का माल लदा वाहन 23 दिन और अपील के बाद छूट सका। अफसरों ने नियमों को दरकिनार कर वाहन पकड़ा था। सारे दस्तावेज होने के बाद भी रोके गए वाहन से व्यापारी को दो लाख रुपये का नुकसान हुआ।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश वरिष्ठ महामंत्री ज्ञानेश मिश्र ने बताया कि 23 दिन के संघर्ष और वाराणसी के स्टेट जीएसटी के अपर आयुक्त ग्रेड एक से मुलाक़ात और आयुक्त को तीन बार पत्र लिखने के बाद व्यापारी के पक्ष में फैसला हुआ। जानबूझकर व्यापारी को परेशान किया गया। गाड़ी पकड़ने वाले वाराणसी के सहायक आयुक्त तृतीय इकाई सचल दल योगेंद्र कुमार यादव के खिलाफ जांच की मांग की गई है।
उन्होंने बताया कि कानपुर के स्क्रैप व्यापारी ने रेलवे विभाग झारखंड से नीलामी में स्क्रैप खरीदा था। रेलवे की ओर से जारी चालान, ई-वे बिल,फर्म मेसर्स दीक्षित आयरन स्टोर कानपुर का रेलवे से ई-ऑक्शन का एडवांस पेमेंट समेत सभी दस्तावेज थे। इसके बाद भी नौ फरवरी को वाहन को वाराणसी में रोक लिया गया था। नियमों को दरकिनार करके कार्रवाई की गई थी।