कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। सीएसजेएमयू के कुलपति जापान के दौरे पर हैं। वहां द्विपक्षीय बैठक के दौरान सहमति बनी है कि जापान के साथ मिलकर विवि रोबोटिक्स और एआई पर शोध करेगा।
एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज़ (एआईयू) के अध्यक्ष एवं सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के नेतृत्व में भारतीय शैक्षणिक प्रतिनिधिमंडल के जापान दौरे के दौरान क्योटो यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड साइंस के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक हुई। इसमें भारत–जापान के बीच उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को लेकर गहन चर्चा हुई। इस दौरान सीएसजेएमयू को सहयोग की प्राथमिक संस्था के रूप में प्रस्तुत किया गया जिसे दोनों पक्षों ने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया।
बैठक में दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शीघ्र ही समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने पर सहमति बनी। एमओयू के तहत रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, बाॅयोमेडिकल साइंसेज, मेडिकल डिवाइसेज और उन्नत तकनीकी अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शोध को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही फैकल्टी और छात्र आदान–प्रदान, सह-पर्यवेक्षित शोध, संयुक्त पाठ्यक्रम विकास तथा अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों और कार्यशालाओं के आयोजन की योजना भी है।
बैठक के दौरान कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि सीएसजेएमयू के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अध्ययन और अनुसंधान के नए अवसर मिलेंगे तथा वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकेंगे। विवि प्रशासन के अनुसार, क्योटो दौरा सीएसजेएमयू के लिए वैश्विक शैक्षणिक और शोध क्षेत्र में एक निर्णायक पहल साबित हुआ है। प्रस्तावित समझौते से न केवल भारत–जापान शैक्षणिक संबंधों को मजबूती मिलेगी बल्कि सीएसजेएमयू अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और अनुसंधान के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में तेजी से उभरता नजर आएगा।