कानपुर। कानपुर आर्किटेक्ट एसोसिएशन की ओर से शुक्रवार से मोतीझील लॉन में तीन दिवसीय आइडिया 2025 एक्सपो की शुरूआत की गई। यहां घर बनाने से लेकर सजाने तक के अलग-अलग कंपनियों के 65 स्टाल लगाए गए हैं। इसमें अलग-अलग तकनीक और बिल्डिंग मटेरियल का प्रदर्शन किया गया।
ऐसे वुडन फ्लोर लाए गए हैं जिसपर फिसलने का डर नहीं होगा और सफाई भी हो सकेगी। इसके अलावा बाथरूम, किचन में पानी बहने तक की आवाज नहीं आए ऐसी फिटिंग का प्रदर्शन किया गया है। उद्घाटन करते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने एक्सपो की सराहना की।
उन्होंने कहा कि कानपुर के लोगों के लिए यह एक्सपो अत्यंत उपयोगी और प्रभावी आयोजन है। एसोसिएशन के बैनर तले देश के प्रमुख निर्माता, वितरक, विक्रेता और आर्किटेक्ट अपनी अद्भुत कला और नमूनों से लोगों को यह सिखा रहे हैं कि वह अपने घरों, अपार्टमेंट और शहर को कैसे सुंदर, सुरक्षित और आकर्षक बना सकते हैं।
एक्सपो में सोलर सिस्टम, बिल्डिंग इंसुलेशन मॉडल, वॉटर-रीसाइक्लिंग तकनीक, जीरो टॉक्सिक पेंट, इको-फ्रेंडली मटेरियल, हीट पंप, हॉट वॉटर टेक्नोलॉजी आदि का प्रदर्शन किया गया। युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए म्यूरल पेंटिंग, स्केचिंग और कैनवास आर्ट का सजीव प्रदर्शन किया गया। यहां विधायक सुरेंद्र मैथानी, एमएलसी सलिल विश्नोई, गोल्डी मसाले के निदेशक आकाश गोयनका, सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय पाठक, एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल कुमार वर्मा, महासचिव धीरेंद्र कुमार मिश्रा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरुन सचान, कोषाध्यक्ष सुनील अस्थाना, संयोजक संदीप विश्नोई आदि मौजूद रहे।
अब इस तरह का बिल्डिंग मटेरियल उपयोग में आ रहा है जो लाल ईंट से तीन गुना हल्का होता है। बाहर की आवाज भी कम आती है। इसमें आग को सहने की क्षमता लाल ईंटा से दो गुना अधिक होती है। - रिषभ जैन, निदेशक, मैक्स ब्लाक्स।
भवनों में इस तरह की पाइप फिटिंग हो रही है जो पानी की आवाज को न्यूनतम या शून्य कर देता है। इसमें पॉली प्रापॅलीन की तीन सतहों को लगाया जाता है। बीच में मिनरल फिल्टर होता है जो तत्वों को सोखता है। - रंजीत कुमार, असिस्टेंट मैनेजर, सुप्रीम पाइप्स।
फ्लोर के लिए अब मारबल का नया विकल्प बाजार में आ गया है। वुडन फ्लोर में फिसलन नहीं होती है। आसानी से सफाई की जा सकती है। इसकी मांग बड़े होटलों, बंगलों, फ्लैटों में देखी जा रही है। - अमित चौधरी, पूर्वी यूपी हेड, एक्शन टेसा।
घरों-बंगलों या औद्योगिक इकाइयों में केवल 10 फीट तक की खुदाई करके अर्थिंग की व्यवस्था की जा सकती है। इसमें डायमंड कटिंग टूल डस्ट और सीमेंट की कोटिंग की जाती है। इससे कहीं भी आसानी से अर्थिंग लगाई जा सकती है। - विवेक सक्सेना, अर्थिंग विशेषज्ञ।