कानपुर। गंगा बैराज पर हुए हादसे में बाल-बाल बचे तीन छात्रों आदित्य शर्मा, विशाल कुमार और स्वदेश ने बताया कि सभी दोस्त फोटो खिंचवाने की बात कहते हुए गंगा बैराज पहुंचे थे। यहां पर सभी ने एक दूसरे के साथ खूब सेल्फी खींचीं। मस्ती करते-करते कब गहरे पानी में चले गए, पता ही नहीं चला। दोस्तों ने बताया कि उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनका यह शौक इतना गहरा जख्म देगा। डूबे तीनों छात्रों के मोबाइल पर खींची गईं तस्वीरें भी मिली हैं।
हादसे के चश्मदीद आदित्य शर्मा, विशाल कुमार और स्वदेश दोस्तों की मौत से सहमे हुए हैं। स्वदेश ने बताया कि दो दिन बाद से परीक्षाएं होनी हैं। उसी की तैयारी में सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करने के बाद सभी दोस्त चाय पीने पैदल ही हॉस्टल से निकले थे। चाय की दुकान तलाशते हुए केशवपुरम से गुरुदेव क्रॉसिंग पहुंच गए। चाय पीने के दौरान शुभम और शौर्य ने गंगा बैराज में चलकर नहाने और फोटो खींचने की बात कही। कुछ साथियों ने विरोध भी किया लेकिन बाद में आटो बुक करके सभी गंगा बैराज पहुंच गए। पानी में नहाते समय सभी एक-दूसरे की फोटो खींच रहे थे और मस्ती करते करते कब गहरे पानी में चले गए पता ही नहीं चला। जब डूबने लगे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
दोस्तों को बचाने में डूब गया शुभम
मथुरा निवासी कारोबारी बाबूलाल जैन का बेटा शुभम दोस्तों अंशुल और शौर्य को बचाने में डूब गया। नहाने गए छह दोस्त पानी में मौज मस्ती करते हुए गेट नंबर एक की ओर निकल गए। यहां गहराई करीब 40 फीट है। किसी भी छात्र को तैरना नहीं आता था और हादसा हो गया। हादसे के पहले तीनों छात्रों ने काई से पटे बैराज के प्लेटफार्म के पत्थरों पर अपने नाम भी लिखे हैं।
बैराज पर नहाना प्रतिबंधित है
अधिशासी अभियंता बैराज निर्माण खंड द्वारा लगवाए गए चेतावनी बोर्ड में लिखा है कि बैराज की डाउन स्ट्रीम में नहाना मना है। बैराज के गेटों का रेगुलेशन (पानी का नियंत्रण) लगातार चलता है। इसके चलते पानी की मात्रा में लगातार उतार चढ़ाव की संभावना रहती है। ऐसे में पानी में उतरना या स्नान करना खतरनाक हो सकता है।
गंगा बैराज चौकी के सामने हादसा
गंगा बैराज के गेट नंबर एक के पास जहां हादसा हुआ, ठीक उसी के सामने गंगा बैराज चौकी है। प्रभारी प्रभाकांत साहू की इस चौकी पर हादसे के वक्त ताला लगा था।
चेतावनी का एक ही बोर्ड
गंगा बैराज पर नहाने की पूरी तरह से मनाही है। बावजूद लोग बैराज पर नहाते हैं। चेतावनी देने के लिए सिंचाई विभाग ने सड़क के पास एक बोर्ड तो लगा रखा है लेकिन जहां लोग नहाते हैं, वहां कोई बोर्ड नहीं लगा है।
छात्र की मौत से कोहराम
कोसीकलां (ब्यूरो)। मथुरा बाईपास स्थित सिन्हा कालोनी कोसीकलां निवासी शुभम जैन की मौत की खबर आते ही घर में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिवार के लोग कानपुर पहुंचे। वहीं यहां घर में मौजूद लोगों के रोने की आवाज पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। हादसे में मौत की सूचना लगते ही रिश्तेदार भी जुट गए। मदर्स डे पर जवान बेटे की मौत पर शुभम की मां बदहवास बना दिया। पहले तो उनसे बेटे की मौत की बात छिपाई गई लेकिज जब उन्हें पता चला तो बिलख पड़ीं। उन्हें ढांढस बंधाने वाली महिलाएं, रिश्तेदार भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे।