फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीजी की प्रिंसिपल सहित 14 को कारण बताओ नोटिस

Mon, 15 Feb 2016 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी, एमकॉम सहित तमाम कोर्स की संबद्धता और उसके मानक की गलत रिपोर्ट देने से नाराज कानपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने डीजी कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. मीता जमाल सहित 14 डिग्री शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस दिया है।
विज्ञापन


10 फरवरी को जारी नोटिस में सभी से महीने भर में जवाब मांगा गया है। दोषी मिलने पर आरोपी शिक्षकों को काली सूची में डालने की कार्रवाई की जाएगी। डिग्री कॉलेज संचालक को भी नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है। संबंधित कॉलेज की संबद्धता निरस्त की जा सकती है।

कानपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध जयशंकर प्रसाद डिग्री कॉलेज सुमेरपुर उन्नाव ने सत्र 2015-16 के नए कोर्स, पुराने कोर्स में सीट बढ़ोतरी और संबद्धता की मांग की। इसके लिए राजकीय डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. केएस भदौरिया और डीजी कॉलेज की प्रिंसिपल की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय एक्सपर्ट पैनल नामित किया गया।
विज्ञापन


इस कमेटी ने कॉलेज में आधुनिक सुविधा-संसाधनों से लैस 80 कमरों का निर्माण दिखाया। साथ ही कहा कि सभी मानक पूरे हैं। इसी आधार पर डिग्री कॉलेज को संबद्धता दी गई। अच्छी रिपोर्ट पर ही यूनिवर्सिटी प्रशासन को शक हुआ और नवंबर 2015 में ही कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने सत्यापन का आदेश जारी कर दिया।

इसके लिए चार सदस्यीय कमेटी (प्रो. नंदलाल, प्रो. संजय श्रीवास्तव, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. विनय कुमार सिंह और डॉ. टीबी सिंह) भी गठित की।

कमेटी ने मौके पर जाकर वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी कराई लेकिन मानक ठीक नहीं मिले। 80 के विपरीत 78 कमरों का निर्माण पाया गया। करीब 40 कमरों में फर्नीचर देखने को मिला, जबकि 38 कमरे खाली पड़े थे।

क्लास रूम में ही लैब, लाइब्रेरी और कॉमन रूम की गणना कराई गई थी। यह रिपोर्ट कमेटी ने फरवरी के पहले सप्ताह में कुलपति को दी। कमेटी ने कहा कि यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट सतही है।

ज्यादातर तथ्य फर्जी हैं। इसके बाद ही कुलपति ने दो प्रिंसिपल सहित 14 डिग्री शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस देने का फैसला किया। कुलपति का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई पहली बार हुई है।

इससे शिक्षक दहशतजदा हैं। सबने मिलकर अपना पक्ष रखने की मांग की है लेकिन किसी को मौका नहीं दिया। सबको लिखित स्पष्टीकरण देना है। जवाब पर ही एक्सपर्ट पैनल का भविष्य टिका है। 

बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी, एमकॉम सहित तमाम कोर्स की संबद्धता और उसके मानक की गलत रिपोर्ट देने से नाराज कानपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने डीजी कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. मीता जमाल सहित 14 डिग्री शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस दिया है।

इन शिक्षकों को नोटिस
डीजी कानपुर की प्रिंसिपल डॉ. मीता जमाल, डीएवी कानपुर में मैथमेटिक्स शिक्षक के डॉ. पुष्पेंद्र, राजकीय डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. केएस भदौरिया, गुरुनानक गर्ल्स कॉलेज कानपुर की डॉ. दीप्ति जूनेजा, डॉ. इंदु शर्मा, डीएसएन कॉलेज उन्नाव की डॉ. वंदना सिंह, डॉ. पवन श्रीवास्तव, डॉ. अरविंद त्रिपाठी, डॉ. वीपी सिंह, फिरोज गांधी कॉलेज रायबरेली की डॉ. रत्ना सरकार, डॉ. शीला श्रीवास्तव और डॉ. अरविंद प्रकाश, कमला नेहरू डिग्री कॉलेज रायबरेली के दो शिक्षक भी हैं।

पहले भी पकड़ा गोलमल
उन्नाव के रघुराम राजा डिग्री कॉलेज ने भी संबद्धता प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा किया था। मानक की गलत रिपोर्ट भेजी थी। जांच से पता चला था कि एक्सपर्ट के हस्ताक्षर फर्जी हैं। इसके बाद संबद्धता वापस ले ली गई थी।  
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें