सरवनखेड़ा। पतले धान का दाम फसल तैयार होने पर गिर गया। बीते साल की तुलना में प्रति क्विंटल 400 रुपये से 500 रुपये तक दाम कम हुए हैं। फसल तैयार होने पर किसान मुनाफा की उम्मीद लगाए थे, मगर अब मायूसी है। सरवनखेड़ा क्षेत्र में किसान पतला धान उगाते हैं। धान बिक्री कर मुनाफा कमाने के लिए इस बार भी किसानों ने अच्छी फसल तैयार की है।
क्षेत्र के लोहारी, सैंथा, भैथाना, गजनेर, सिकंदरपुर, मंगटा, कोसम, सरवनखेड़ा, गजनेर, मुक्तापुर, पियासी, आलापुर, हिलौठी, मुर्रा, मनेथू, गंगागंज के अधिकतर किसानों ने पतले धान की किस्म सरबती, गोल्डन, 1718, मंसूरी की रोपाई की थी।अब फसल पककर तैयार है। इधर खलिहान में फसल पहुंचने पर आढ़तियों ने दाम गिरा दिए। पिछले वर्ष प्रति क्विंटल 2200 से 2500 रुपये धान बिकी थी। इस साल सरबती धान प्रति क्विंटल 1800 से 2000 रुपये में आढ़ती खरीद रहे हैं। पतले धान की अन्य किस्में प्रति क्विंटल 3000 से 3500 रुपये तक बिकती रहीं हैं। मगर अब ये 2500 से 2800 रुपये प्रति क्विंटल आढ़ती खरीद रहे हैं।
खुले बाजार में भाव बढ़ने की आस में किसान खलिहानों में धान एकत्र किए रहे। मगर कई किसान नुकसान की आशंका में कम दाम पर ही फसल बेच रहे हैं। सैंथा के राकेश यादव ने बताया कि पांच दिन से तैयार धान की फसल खलिहान में रखी है। किसी आढ़ती ने संपर्क नहीं किया है। अब धान का दाम बढ़ने की आस लगाए हैं।
सेरूवा के कमलेश पासवान ने बताया कि तीन बीघे खेत में सरबती किस्म रोपी थी। फसल तैयार होने पर कई दिन से भाव उठने का इंतजार किया, मगर रविवार को 1950 रुपये प्रति क्विंटल में धान बेच दी। बता दें कि सरकारी क्रय केंद्र पर पतले धान की खरीद नहीं होती है। मोटे सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपये है। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी महेश कुमार ने बताया की मोटे धान की खरीद सरकारी क्रय केंद्रों पर 1 नवंबर से शुरू होगी।