कानपुर। जूही खलवा पुल क्षेत्र में बरसात के दौरान होने वाले जलभराव से निजात दिलाने के लिए स्टॉर्म वाटर प्लांट की स्थापना का कार्य एक साल से अधिक समय से केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है। इस कारण पुल पर आवागमन बाधित हो जाता है। इस पानी में डूबकर कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
इस समस्या के समाधान के लिए पिछले वर्ष स्टार्म वाटर पंप हाउस निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की गई थी। इसके बाद, नगर आयुक्त की ओर से डीपीआर की जांच के लिए इसे आईआईटी को भेजा गया, जहां से 28 फरवरी को रिपोर्ट प्राप्त हुई। इस रिपोर्ट में पंप हाउस के निर्माण की अनुमानित लागत 43 करोड़ रुपये बताई गई। इसके बाद वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति के साथ बजट को अमृत 2.0 योजना या किसी अन्य उपयुक्त योजना के तहत अवमुक्त कराने के लिए 21 मार्च को उप्र जल निगम नगरीय प्रबंध निदेशक को प्रस्ताव भेजा गया। वर्तमान में बजट की स्वीकृति के लिए गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के परियोजना प्रबंधक मोहित चक ने 19 जनवरी को उप्र जल निगम के मुख्य अभियंता को पत्राचार किया है जिसमें यह भी बताया गया है कि इकाई की ओर से सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। इस विलंब के कारण स्थानीय निवासी गंभीर परेशानी का सामना कर रहे हैं।