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Kanpur News: रोगी खुद को समझता स्वस्थ पर बीपी और शुगर से गुर्दे खराब

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कानपुर। हाई ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर से लोगों के गुर्दे खराब हो रहे हैं और लोग समझते हैं कि वे स्वस्थ हैं। ऐसे में वे जांच भी नहीं कराते और गुर्दा खराब होता रहता है। इस बात का पता 4878 लोगों की स्क्रीनिंग में चला है। स्क्रीनिंग उन लोगों की गई जो अपने को स्वस्थ समझते रहे। स्क्रीनिंग में जब ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर लेवल, पेशाब और सीबीजी जांच कराई गई तो सेहत की वास्तविक स्थिति पता चली। रिपोर्ट में पाया गया कि बहुत से लोगों की पेशाब में प्रोटीन आ रहा है। विशेषज्ञों ने बताया कि यह गुर्दा फेल होने की स्थिति होती है।
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड पीजीआई के गुर्दा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. युवराज गुलाटी ने उजाला सिग्नस हेल्थ केयर के सहयोग से यह स्क्रीनिंग अभियान चलाया। मार्च के 30 दिनों में विभिन्न स्थानों पर 30 स्क्रीनिंग कैंपों का आयोजन किया गया। डॉ. गुलाटी ने बताया कि जो पहले से रोगी रहे हैं, उन्हें शामिल नहीं किया गया। उन लोगों को लिया गया जिन्हें अपने किसी मर्ज के बारे में पता नहीं रहा। स्क्रीनिंग कैंपों में 18 से लेकर 80 वर्ष आयु वर्ग के लोगों की जांच की गई। जिन लोगों की जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी पाई गई, उनका फॉलोअप में इलाज शुरू किया गया है।
स्क्रीनिंग रिपोर्ट के मुताबिक, 2000 लोगों में हाई ब्लड प्रेशर मिला है। इनमें 50 फीसदी लोगों की उम्र 40 वर्ष से कम रही है। 1300 लोगों में हाई ब्लड शुगर मिली है। इनमें 498 लोग ऐसे रहे हैं जिनके यूरीन सैंपल की जांच में यूरिया और क्रेटेनिन बढ़ी मिली। 150 लोग ऐसे थे जिनके पेशाब में प्रोटीन आ रहा था। यह गुर्दे खराब होने का संकेत है। इसके अलावा बहुत से रोगी ऐसे रहे हैं जिनमें ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर दोनों बढ़ा मिला। उन्होंने बताया कि स्क्रीनिंग में हर वर्ग के लोग शामिल रहे हैं।
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अक्सर गुर्दा खराब होने के बाद रोगी इलाज के लिए आते हैं। उन्हें डायलिसिस और गुर्दा प्रत्यारोपण की जरूरत पड़ती है। अगर लोग एहतियातन 10 रुपये फीस देकर यूरीन टेस्ट करा लें तो रोग पहले पकड़ में आ जाएगा और डायलिसिस की जरूरत ही नहीं होगी। हाई बीपी और ब्लड शुगर का पहले पता चलने पर इन्हें इलाज से नियंत्रित रखा जा सकता है जिससे जटिलताएं नहीं होने पाएंगी। सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है कि लोग रूटीन टेस्ट कराने की आदत डाल लें। -डॉ. युवराज गुलाटी, वरिष्ठ गुर्दा रोग विशेषज्ञ
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