कानपुर। जूही कलां स्कीम-दो डब्ल्यू-वन साकेतनगर में बृजकिशोरी दुबे मेमोरियल स्कूल से सटे पार्क पर अवैध कब्जे की जांच केडीए करीब चार महीने से कर रहा है लेकिन यह अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। सोमवार को उच्च न्यायालय ने इस मामले में प्रमुख सचिव को निर्देश दिया कि वह एक अपर सचिव स्तर के अधिकारी और एक संभागीय आयुक्त स्तर के अधिकारी की टीम बनाएं जो पूरे आवंटन की जांच करे। रिपोर्ट मिलने के दो सप्ताह बाद प्रमुख सचिव को अपना हलफनामा न्यायालय में प्रस्तुत करना होगा। उधर केडीए के अधिकारी चुप्पी साधे हैं। उच्च न्यायालय में मामला होने का हवाला देते हुए जानकारी देने से इन्कार कर रहे हैं।
अखिलेश दुबे की विभिन्न संपत्तियों पर किए गए अवैध कब्जों, निर्माणों के संबंध में की गई शिकायतों में भूखंड संख्या - 559 योजना संख्या-दो, डब्ल्यू-वन ब्लाक स्थित पार्क पर भी अवैध कब्जे का मामला शामिल है। इस संबंध में केडीए की तरफ से की गई शुरुआती जांच रिपोर्ट के अनुसार भूखंड संख्या- 559 में स्थित 1860 वर्गमीटर के पार्क का आवंटन डॉ. बृज किशोरी दुबे मेमोरियल स्कूल को 15 सितंबर 1998 को तत्कालीन मुख्य अभियंता ने अनुरक्षण के लिए 10 वर्ष के लिए आवंटित किया था। इसकी मियाद 2008 में समाप्त हो गई थी। उसके बाद केडीए ने नवीनीकरण नहीं किया। भूखंड संख्या - 559 में अवैध रूप से बने मकान पाए गए। इस संबंध में उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 26 (क) 4 के तहत सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण को हटाए जाने का वाद दर्ज कर बीती 19 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
रिपोर्ट में इस जमीन को केडीए की अर्जित जमीन बताया गया है। यह भी कहा गया कि भूखंड संख्या-559 पर निजी संस्थानों व व्यक्तियों ने क्रय-विक्रय भी किया है। केडीए के कुछ अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस पार्क पर अवैध कब्जे के मामले की सुनवाई चल रही है। इसमें दूसरे पक्ष को नोटिस दिया गया था जिस पर उनका जवाब आया है। जवाब की छानबीन और कागजों की जांच चल रही है। एक अधिकारी ने यह भी बताया कि यह पार्क आवंटित करने के बाद पूरी योजना नगर निगम को हस्तांतरित कर दी गई थी। इसीलिए 2008 में यह आवंटन समाप्त होने के बाद उसी वर्ष नगर निगम ने इसी स्कूल समिति को एक साल से लिए पार्क हैंडओवर किया था पर उसके बाद नगर निगम से भी नवीनीकरण नहीं हुआ।