पांच दिन में अलग-अलग बैठकें करेंगे
इसमें राष्ट्रीयता को सर्वोपरि मानते हुए संपूर्ण हिंदुत्व को जोड़ने को लेकर मुहिम के तहत काम किया जाएगा। संघ प्रमुख यहां पांच दिन में क्षेत्र, प्रांत, जिले, विभाग के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। इसके साथ ही बस्तियों को जागृत करने, शाखाओं का विस्तार सुदूर गांव और शहरों व कस्बों के प्रत्येक स्थान में करने की योजना भी शामिल है।
प्रत्येक दिन अलग-अलग विषय रहेंगे
युवाओं को संघ से जोड़ने और तकनीकी तौर पर संघ की कार्यप्रणाली को मजबूत करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। मोहन भागवत यहां पर आखिरी दो दिन में सामाजिक समरसता के दृष्टिकोण से उद्यमियों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों सहित प्रमुख क्षेत्रों से ताल्लुक रखने वालों के साथ भी बैठक करेंगे। संघ प्रमुख के पांच दिनों के प्रवास के प्रत्येक दिन अलग-अलग विषय रहेंगे।
1925 में हुई थी संघ की स्थापना
- 27 सितंबर 1925 में महाराष्ट्र के नागपुर शहर में विजयादशमी के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना हुई थी। जिसे डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार और उनके कुछ साथियों ने मिलकर किया था।
- राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेतृत्व में आगे चलकर कुल 17 संगठन बने, जिसमें विश्व हिंदू परिषद सबसे बड़ा है।
- संघ को उत्तर प्रदेश की दृष्टि से देखा जाए तो यहां पर कुल छह प्रांत और दो क्षेत्र पूर्वी और पश्चिम क्षेत्र हैं