जाग गई ममता तो छोड़ दिया पैसों का मोह
बरसड़ा गांव निवासी दद्दू मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता है। उसके दो पुत्र और दो पुत्रियां पहले से हैं। इनमें लक्ष्मी (14), राधा (10) और कृष्णा (5) व बलराम (4) शामिल हैं। दद्दू की पत्नी गोमती वर्मा ने अपने नवजात का नाम छोटे रखा है।
गोमती ने कहा कि नर्स ने बच्चा लेने के बाद उसे 11 हजार रुपये दिए थे। डेढ़ लाख रुपये और देने को कहा था। लेकिन इन सब के बाद उसे अफसोस हुआ। रुपये दरकिनार कर दिए और ममता के चलते उसने बच्चे को हासिल करने की ठान ली। इस पर उसने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने उसका सहयोग किया और बच्चे को लखनऊ निवासी रेल कर्मी के घर से लाकर उसे सौंप दिया। वह अपने बच्चे को किसी को नहीं देगी।
कैसे परिवार को कमाकर खिलाओगे
न जमीन है, न जायदाद है। चार बच्चे पहले से हैं। कैसे परिवार को कमाकर खिलाओगे? गोमती के पति दद्दू वर्मा ने आरोप लगाया कि नर्स ने उपरोक्त बातें कहकर उसे बरगला लिया और बच्चे को अपने पास रख लिया। रुपये का लालच दिया। जब भी बच्चा लेने नर्स के घर जाएं, तो वह टाल-मटोल कर दे। मजबूरन अपने बच्चे को हासिल करने के लिए उसे पुलिस की शरण लेना पड़ी।
रुपये खर्च कर बच्चा हथियाना पड़ा महंगा
बरसड़ा गांव के ग्रामीणों में चर्चा है कि रुपये खर्च कर बच्चा हथियाने की जुगत करने वाले अब असली माता-पिता के पलटी मारने और मामला पुलिस में पहुंच ने से परेशान हैं। केस रफा-दफा करने की कोशिश में जुटे हैं। पुलिस भी घटना की असलियत जानकर जांच की बात कह रही है। गिरफ्तारी की बात पर टाल-मटोल कर रही है।
गिरवां थानाध्यक्ष ओम शंकर शुक्ल ने बताया कि 12 दिन के बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है। गुरुवार को न्यायालय में बयान दर्ज कराए गए हैं। इसके पूर्व जिला अस्पताल में बच्चे का डाक्टरी परीक्षण कराया गया। यह भी बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में रुपये लेकर बच्चा सौंपने की बात सामने आई है। हर बिंदु पर जांच की जा रही है।