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Banda: कैसे परिवार को कमाकर खिलाओगे, कहकर नर्स ले गई बच्चा, रिपोर्ट दर्ज होने पर भी नहीं हुई गिरफ्तारी

Fri, 14 Oct 2022 12:16 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा

सार

बांदा में एक नवजात के लापता होने के मामला में पुलिस अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। पिता का आरोप है कि कैसे परिवार को कमाकर खिलाओगे जैसी बातें कहकर नर्स ने उसे बरगला लिया और बच्चे को अपने पास रख लिया।
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दद्दू वर्मा का घर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बांदा जिले में नवजात की चोरी से लेकर लखनऊ में रेल कर्मी के घर से बरामद होने तक के मामले में पुलिस अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। पुलिस का कहना है कि नामजद नर्स के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज है। पुलिस उपाधीक्षक नरैनी द्वारा पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। वहीं, मासूम की मां का कहना है कि 11 हजार रुपये देने के बाद डेढ़ लाख रुपये और देने का लालच दिया गया। लेकिन ममता के सामने उसने सौदा दरकिनार कर दिया।

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घटना गिरवां थाना क्षेत्र के बरसड़ा गांव की है। यहां की गोमती वर्मा पत्नी दद्दू ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि दो अक्तूबर की रात करीब साढ़े 11 बजे महुआ पीएचसी में उसका प्रसव हुआ। वहां तैनात नर्स पुष्पा सचान ने दूसरे दिन सुबह कहा कि बच्चा बीमार है, उसे आईसीयू में रखना होगा। झांसा देकर वह उसे अपने घर शहर में स्थित शुकुलकुआं ले आई। तीसरे दिन आकर बच्चा ले जाने को कहा। 
पांच अक्तूबर को जब वह पति दद्दू के साथ दोबारा नर्स के घर पहुंचे, तो बच्चा नहीं मिला। नर्स ने अपशब्द कहते हुए भगा दिया। पुलिस ने नर्स पुष्पा सचान के विरुद्ध बच्चे को बंद कमरे में रखने सहित धमकी देने और एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर ली। घटना के करीब 12 दिन बीत गए और अब तक पुलिस ने नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया।

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जाग गई ममता तो छोड़ दिया पैसों का मोह
बरसड़ा गांव निवासी दद्दू मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता है। उसके दो पुत्र और दो पुत्रियां पहले से हैं। इनमें लक्ष्मी (14), राधा (10) और कृष्णा (5) व बलराम (4) शामिल हैं। दद्दू की पत्नी गोमती वर्मा ने अपने नवजात का नाम छोटे रखा है।

गोमती ने कहा कि नर्स ने बच्चा लेने के बाद उसे 11 हजार रुपये दिए थे। डेढ़ लाख रुपये और देने को कहा था। लेकिन इन सब के बाद उसे अफसोस हुआ। रुपये दरकिनार कर दिए और ममता के चलते उसने बच्चे को हासिल करने की ठान ली। इस पर उसने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने उसका सहयोग किया और बच्चे को लखनऊ निवासी रेल कर्मी के घर से लाकर उसे सौंप दिया। वह अपने बच्चे को किसी को नहीं देगी।

कैसे परिवार को कमाकर खिलाओगे
न जमीन है, न जायदाद है। चार बच्चे पहले से हैं। कैसे परिवार को कमाकर खिलाओगे? गोमती के पति दद्दू वर्मा ने आरोप लगाया कि नर्स ने उपरोक्त बातें कहकर उसे बरगला लिया और बच्चे को अपने पास रख लिया। रुपये का लालच दिया। जब भी बच्चा लेने नर्स के घर जाएं, तो वह टाल-मटोल कर दे। मजबूरन अपने बच्चे को हासिल करने के लिए उसे पुलिस की शरण लेना पड़ी।

रुपये खर्च कर बच्चा हथियाना पड़ा महंगा
बरसड़ा गांव के ग्रामीणों में चर्चा है कि रुपये खर्च कर बच्चा हथियाने की जुगत करने वाले अब असली माता-पिता के पलटी मारने और मामला पुलिस में पहुंच ने से परेशान हैं। केस रफा-दफा करने की कोशिश में जुटे हैं। पुलिस भी घटना की असलियत जानकर जांच की बात कह रही है। गिरफ्तारी की बात पर टाल-मटोल कर रही है।
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गिरवां थानाध्यक्ष ओम शंकर शुक्ल ने बताया कि 12 दिन के बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है। गुरुवार को न्यायालय में बयान दर्ज कराए गए हैं। इसके पूर्व जिला अस्पताल में बच्चे का डाक्टरी परीक्षण कराया गया। यह भी बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में रुपये लेकर बच्चा सौंपने की बात सामने आई है। हर बिंदु पर जांच की जा रही है।
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