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Banda: मृत घोषित महिला कोर्ट में बोली- जज साहब मैं जीवित हूं, पढ़ें पूरा मामला

Thu, 13 Oct 2022 12:24 AM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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बांदा जिले में एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान पति की ओर से मृत बताई गई पत्नी ने कोर्ट पहुंचकर कहा जज साहब मैं जीवित हूं। पति ने दहेज की मांग पूूरी नहीं होने पर मुझे मारपीट कर घर से निकाल दिया था। वह कई वर्ष से मायके में अपने माता-पिता के पास रह रही है। यह वाकया न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय की कोर्ट में चल रहे दयाराम बनाम चोला मंडलम इंश्योरेंस कंपनी के मुकदमे में मंगलवार को सामने आया।

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इसे गंभीरता से लेते हुए जज ने एसपी को जांचकर 15 दिन में रिपोर्ट कोर्ट को देने आदेश दिया है। बांदा के न्यायालय मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में तहसील पैलानी के ग्राम निवायच निवासी दयाराम पुत्र बद्री ने बीमा कंपनी में पत्नी की दुर्घटना में मौत के लिए क्लेम का दावा किया था। मुकदमा की न्यायाधिकरण में मंगलवार को सुनवाई हुई।

इसमें सुधा देवी ने बताया दर्ज कराया कि वह याची दयाराम की पत्नी है, जो जीवित है। सुधा ने बताया कि वे हमीरपुर के भरुआ सुमेरपुर के वार्ड नंबर तीन निवासी गयाप्रसाद की पुत्री हैं। पति व याची दयाराम ने अन्य मृत महिला की जगह उसे (पत्नी सुधा को मृत बताकर क्लेम के लिए फर्जी मुकदमा दायर किया है।

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मुकदमे की सुनवाई को लेकर कोर्ट के आदेश पर मंगलवार को सुधा, उनके पिता गयाप्रसाद, मां पच्ची ने कोर्ट उपस्थित होकर शपथपत्र देते हुए बयान दर्ज कराए।  गया प्रसाद ने बताया कि बेटी सुधा की शादी 1998 में दयाराम निवासी के साथ की थी। शादी के बाद दयाराम ने दहेज की मांग पूरी न होने पर बेटी को मारपीट कर घर से निकाल दिया था।

इसके बाद से बेटी मायके में रह रही है। कोर्ट को सुधा ने बताया कि पति ने उसकी बजाय अन्य महिला की मृत्यु दिखाकर फर्जी क्लेम के लिए दावा किया है। न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने मामले की सुनवाई के बाद आदेश में कहा कि दयाराम और उनके अधिवक्ता कई बार बुलाने के बाद भी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए हैं।
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कहा कि न्यायालय में जो साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं उनमें सुधा को मृतक और पंचायतनामा व पोस्टमार्टम भी किया जाना बताया गया है। इसका मुकदमा थाना पैलानी सदर बांदा में दर्ज है। पुलिस ने भी विवेचना कर आरोप पत्र चार मई 2014 को न्यायालय में दाखिल किया है। पीठासीन अधिकारी धर्मेंद्र कुमार पांडेय की कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जिस महिला की मौत हो चुकी है, उसके लिए दावा किया है, लेकिन वह जीवित है। मामला गंभीर है। उन्होंने एसपी को मामले की जांचकर 15 दिन में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।

दोषी मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई
न्यायाधीश ने कहा कि सुधा का कथन सत्य साबित होने पर मामले से संबंधित दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जज ने मामले में फैसला आने तक सुधा को सुरक्षा देने का एसपी को आदेश दिया है। मुकदमे की अगली सुनवाई के लिए मामले की सुनवाई दो नवंबर तारीख निर्धारित की गई है।
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